चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग में रांची ने दिया ये अहम योगदान

मेकॉन को एसएलपी के निर्माण का काम सितम्बर 1998 में मिला था. निर्माणकार्य मार्च 1999 में शुरू हुआ. साढ़े चार साल तक लगातार काम करने के बाद दिसम्बर 2003 में यह बनकर तैयार हुआ.

News18 Jharkhand
Updated: July 22, 2019, 2:21 PM IST
चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग में रांची ने दिया ये अहम योगदान
चंद्रयान-2 जिस लॉन्चिंग पैड से लॉन्च होगा, वह रांची के मेकॉन में बना है
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Updated: July 22, 2019, 2:21 PM IST
चंद्रयान-2 को इसरो के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र के सेकेंड लॉन्च पैड से लॉन्च किया जाएगा. ये पल वैसे तो पूरे देश के लिए गर्व के पल होंगे, लेकिन झारखंड को गौरवान्वित होने की खास वजह है. दरअसल इस लॉन्च का अहम हिस्सा माने जा रहे एसएलपी का निर्माण रांची स्थित मेकॉन लिमिटेड ने किया गया. इतना ही नहीं इसके निर्माण के लिए कई जरूरी उपकरण भी रांची में ही स्थित (हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड) एचईसी में बने हैं.

साढ़े चार साल में बना एसएलपी

मेकॉन को एसएलपी के निर्माण का काम सितम्बर 1998 में मिला था. निर्माणकार्य मार्च 1999 में शुरू हुआ. साढ़े चार साल तक लगातार काम करने के बाद दिसम्बर 2003 में यह बनकर तैयार हुआ. 378 करोड़ रुपये इस पर खर्च हुए. अबतक इस लॉन्च पेड से 22 लॉन्च हो चुके हैं. इसके निर्माण में 125 कर्मचारियों ने टीम ने दिन-रात काम किया.

रांची के मेकॉन लिमिटेड ने बनाया चंद्रयान-2 का लॉन्चिंग पेड


मिशन मून पर भारत

भारत का महात्वाकांक्षी मिशन मून चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) की लॉन्चिंग को लेकर 20 घंटे पहले से काउंट डाउन चल रहा है. चंद्रयान को आज दोपहर ठीक 2 बजकर 43 मिनट पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस रिसर्च सेंटर से लॉन्च किया जाएगा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) चंद्रयान-2 को चांद के साउथ पोल पर उतारेगा.

इसी रॉकेट से लॉन्च होगा चंद्रयान-2

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चंद्रयान-2 की खासियत
- चंद्रयान-2 का वज़न 3.8 टन है, जो आठ वयस्क हाथियों के वजन के लगभग बराबर है.
- इसमें 13 भारतीय पेलोड में 8 ऑर्बिटर, 3 लैंडर और 2 रोवर होंगे. इसके अलावा NASA का एक पैसिव एक्सपेरिमेंट होगा.
- चंद्रयान 2 चंद्रमा के ऐसे हिस्से पर पहुंचेगा, जहां आज तक किसी अभियान में नहीं जाया गया.
- यह भविष्य के मिशनों के लिए सॉफ्ट लैंडिंग का उदाहरण बनेगा.
- भारत चंद्रमा के धुर दक्षिणी हिस्से पर पहुंचने जा रहा है, जहां पहुंचने की कोशिश आज तक कभी किसी देश ने नहीं की.
- चंद्रयान 2 कुल 13 भारतीय वैज्ञानिक उपकरणों को ले जा रहा है.

इनपुट- भुवन किशोर

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First published: July 22, 2019, 2:15 PM IST
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