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चारा घोटालाः CBI कोर्ट ने खारिज की फिजिकल बहस करवाने संबंधी याचिका

चारा घोटालाः CBI कोर्ट ने खारिज की फिजिकल बहस करवाने संबंधी याचिका

चारा घोटाला मामले में सीबीआई कोर्ट ने फिजिकल सनुवाई संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है. (फाइल फोटो)

चारा घोटाला मामले में सीबीआई कोर्ट ने फिजिकल सनुवाई संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है. (फाइल फोटो)

CBI ने कोर्ट में कहा- यदि अभियोजन पक्ष वर्चुअल बहस कर सकता है तो बचाव पक्ष ऐसा क्यों नहीं कर सकता, हालांकि कोर्ट ने कहा- कि केस संबंधी पांच अधिवक्ता कोर्ट में उपस्थित होकर कर सकते हैं बहस.

रांची. चारा घोटाला के डोरंडा ट्रेजरी मामले में बुधवार को रांची स्थित सीबीआई स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने बचाव पक्ष की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें फिजिकल बहस की मांग की गई थी. इससे पहले सीबीआई की ओर से कोर्ट को बताया गया कि अगर अभियोजन पक्ष वर्चुअल बहस कर सकता है तब बचाव पक्ष क्यों नहीं कर सकता. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने बचाव पक्ष के पिटिशन को खारिज कर दिया.

हालांकि कोर्ट ने बचाव पक्ष को यह विकल्प जरूर दिया कि अगर वे फिजिकल बहस चाहते हैं तो केस से संबंधित पांच अधिवक्ता कोर्ट में उपस्थित होकर बहस कर सकते हैं. दरअसल बचाव पक्ष की ओर से यह दलील दी गई थी कि दस्तावेज ज्यादा होने के कारण वर्चुअल तरीके से सुनवाई संभव नहीं है. लिहाजा इसे फिजिकल किया जाए. इसी को लेकर याचिका दाखिल की गई थी.

आपको बता दें कि डोरंडा ट्रेजरी से अवैध निकासी मामले में अब रांची सीबीआई स्पेशल कोर्ट में बचाव पक्ष की ओर से लगातार बहस की जाएगी. इसमें 27 आरोपियों के बयान के आधार पक्षों को रखा जाएगा. मामला डोरंडा ट्रेजरी के आरसी 47 ए/96 का है. जिसमें कोषागार से 139.35 करोड़ की अवैध निकासी की गई थी. डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद समेत कुल 110 आरोपी ट्रायल फेस कर रहे हैं.

इस पूरे मामले में अभियोजन पक्ष सीबीआई की ओर से 7 अगस्त को ऑनलाइन सुनवाई के जरिये बहस पूरी कर ली गई थी. इसमें अभियोजन की ओर से 575 गवाहों का बयान रखा गया है. इस पूरे मामले में पशु, चारा, दवा और उपकरणों की बिना आपूर्ति के ही राशि की निकासी कर ली गई थी. साथ ही स्कूटर, बाइक और ऑटो से सामानों को ढोने का मामला सामने आया था.

हालांकि बुधवार को हुई बहस में बचाव पक्ष की तैयारी को थोड़ा झटका जरूर लगा है. क्योंकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता यह उम्मीद कर रहे थे कि फिजिकल बहस की अनुमति मिलने के बाद दस्तावेज देखने, समझने और कोर्ट में पेश करने को लेकर ज्यादा सहूलियत होगी. लेकिन कोर्ट ने उनकी दलील नहीं मानी. कोर्ट ने सीबीआई की इस दलील को ज्यादा पुख्ता माना जिसमें अभियोजन की ओर से पूरी बहस वर्चुअल तरीके से करने की बात को आधार बनाया गया था.

Tags: CBI, Court, Fodder scam, Jharkhand news, Lalu Prasad Yadav, Ranchi news

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