तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन पर संकट के बादल

राज्य की इकलौती बिजली उत्पादन कंपनी तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन पर संकट आ गयी है. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पाया है कि तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन, टीटीपीएस, देश की सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलानी वाली कंपनी है. लिहाजा इसे तत्काल बंद करने का आदेश बोर्ड ने दिया है.

Ajay Lal | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: December 7, 2017, 5:41 PM IST
तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन पर संकट के बादल
तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन पर संकट
Ajay Lal | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: December 7, 2017, 5:41 PM IST
राज्य की इकलौती बिजली उत्पादन कंपनी तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन पर संकट आ गयी है. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पाया है कि तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन, टीटीपीएस, देश की सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलानी वाली कंपनी है. लिहाजा इसे तत्काल बंद करने का आदेश बोर्ड ने दिया है.

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी सीपीसीबी ने एक स्पीड पोस्ट पत्र भेजकर टीटीपीएस को कहा है कि तत्काल प्रभाव से कंपनी बिजली का उत्पादन बंद करे. सीपीसीबी ने पाया है कि टीटीपीएस हवा और पानी सभी को ना सिर्फ दूषित कर रही है, बल्कि दामोदर नदी को भी खासा नुकसान पहुंचा रही है. कंपनी बिजली उत्पादन करने के बाद राख को सीधे दामोदर नदी में बहा देती है. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस बाबत झारखंड राज्य प्रदूषण बोर्ड को भी कार्रवाई करने को कहा है.

 

सीपीसीबी ने अपनी वेबसाइट पर भी टीटीपीएस को हानिकारक बताया है. नोटिस में कहा गया है कि टीटीपीएस एनवायरमेंट प्रोटेक्शन एक्ट-1986 का खुल्लम-खुल्ला उल्लघंन कर रही है. टीटीपीएस को 15 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है. इधर टीभीएनएल के प्रबंध निदेशक रामवतार साहू ने कहा कि उनके द्वारा पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जा रहा है. कंपनी का कहना है कि कुछ बिन्दुओं पर संवादहीनता की वजह से ऐसी बातें सामने आयी हैं.

सीपीसीबी ने देशभर के पांच कंपनियों को दो दिन पहले नोटिस भेजा है. उनमें झारखंड की इकलौती टीटीपीएस कंपनी भी शामिल है.

 
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