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लॉकडाउन के बाद 7 लाख प्रवासी मजदूर लौटेंगे झारखंड, राज्यपाल ने कहा- सरकार अभी से करे तैयारी
Ranchi News in Hindi

News18 Jharkhand
Updated: April 6, 2020, 9:07 PM IST
लॉकडाउन के बाद 7 लाख प्रवासी मजदूर लौटेंगे झारखंड, राज्यपाल ने कहा- सरकार अभी से करे तैयारी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को कोरोना को लेकर तैयारियों की जानकारी दी.

मुख्यमंत्री (Hemant Soren) ने बताया कि राज्य में लॉकडाउन (Lockdown) है. इसका सीधा असर रोजगार पर पड़ा है. राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों को 50-50 लाख रुपये दिए गए हैं, ताकि भूख से किसी की मौत (Hunger Death) न हो.

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रांची. राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) ने कहा कि राज्य में कोरोनावायरस (Coronavirus) से मुकाबला करने के लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरण के लिए वे राष्ट्रपति (President) से अनुरोध करेंगी. झारखंड में कोरोना के चार मामले सामने आ चुके हैं. इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं. लॉकडाउन (Lockdown) समाप्त होने के बाद बाहर फंसे लोग (Migrant laborers) राज्य वापस आएंगे. ऐसे में उनके लिए पहले से तैयारी करने की जरूरत है.

जरूरतमंदों को दिया जा रहा भोजन  

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल को जानकारी दी कि केंद्र सरकार की ओर से पांच हजार पीपीई (Personal protective equipment), थर्मो स्कैनर 100, एन-95 मास्क 25 हजार प्राप्त हुए हैं. सरकार के सूचना केंद्र राज्य व राज्य के बाहर फंसे लोगों के लिए चौबीसों घंटे कार्यरत हैं. इसके लिए 15 सीनियर आईएएस अधिकारियों को नोडल ऑफिसर बनाया गया है. करीब छह लाख 94 हजार लोग बाहर फंसे हुए हैं. इनमें सबसे अधिक लोग महाराष्ट्र में फंसे हुए हैं. राज्य सरकार ने बाहर फंसे 60 से 70 प्रतिशत लोगों तक अपनी पहुंच बना रखी है.



सीएम ने बताया कि राज्य के अंदर सभी जरूरतमंदों को पंचायत और थाना स्तर पर भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. मुख्यमंत्री दाल भात योजना पूर्व की तरह संचालित है. राज्य में अनाज की कमी नहीं है. सभी पंचायत के मुखिया को अनाज हेतु 10-10 हजार रुपए उपलब्ध कराए गए हैं.



उपायुक्तों को दिए गए हैं 50 लाख रुपए

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लॉकडाउन (Lockdown) है. इसका सीधा असर रोजगार पर पड़ा है. राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों को 50-50 लाख रुपए दिए गए हैं, ताकि भूख से किसी की मौत न हो. जरूरी सामानों को लेकर जा रहे वाहनों पर रोक नहीं है. लॉकडाउन खुलने के बाद पांच से छह लाख लोग यदि झारखण्ड आएंगे, तो राज्य के अंदर उन्हें कैसे रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, इसपर भी कार्य करने की जरूरत है. कालाबाजारी न हो इसपर भी पूर्ण ध्यान है.

जल्द आठ जांच मशीनें करेंगी काम

मुख्यसचिव सुखदेव सिंह ने बताया कि राज्य में कोरोना जांच के लिए चार मशीन फिलहाल काम कर रही हैं. इनमें दो रांची और दो जमशेदपुर में हैं. अन्य चार मशीन जल्द स्टॉल कर ली जाएंगी, उसके बाद जांच कार्य आरम्भ किया जाएगा. 15 हजार टेस्ट किट राज्य में उपलब्ध हैं. रांची के हिंदपीढ़ी में संक्रमण प्रभावित पहले मरीज के संपर्क में आनेवाले 74 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है. 300 अतरिक्त वेंटिलेटर मंगाए जा रहे हैं. 15 फरवरी तक बाहर से एक लाख 73 हजार लोग झारखण्ड आये, जिसमें से एक लाख 45 हजार को होम क्वारंटाइन किया गया है.

पुलिस का मनोबल ऊंचा

डीजीपी एमवी राव ने कहा कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जा रहा है. बल प्रयोग न करते हुए लोगों को जागरूक किया जा रहा है. सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है, इससे संबंधित 40 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं. 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का मनोबल ऊंचा है.

इनपुट- भुवनकिशोर झा

 

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First published: April 6, 2020, 5:51 PM IST
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