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सीएम हेमंत सोरेन बोले- जनजातीय समाज ऊंच-नीच अमीरी-गरीबी वाला नहीं, पर कुछ लोग इससे बांटना चाहते हैं

सीएम हेमंत सोरेन बोले- जनजातीय समाज ऊंच-नीच अमीरी-गरीबी वाला नहीं, पर कुछ लोग इससे बांटना चाहते हैं

राज्य स्थापना दिवस के मौके पर सीएम हेमंत सोरेन ने कई नई योजनाओं की शुरुआत की.

राज्य स्थापना दिवस के मौके पर सीएम हेमंत सोरेन ने कई नई योजनाओं की शुरुआत की.

Jharkhand Foundation Day: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जनजातीय समाज आज भी विकास के साथ कदमताल करने में पीछे है. डेढ़ सौ साल लग गए जनजातीय उत्सव मनाने की घोषणा होने में, इससे जनजातीय संघर्ष का अंदाजा लगाया जा सकता है.

    रांची. झारखंड स्थापना दिवस के मौके पर झारखंड मंत्रालय में हेमंत सोरेन सरकार ने कई नई योजनाओं की शुरुआत के साथ नियुक्ति पत्र बांटे. राज्यपाल रमेश बैस और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए राज्य की तरक्की और खुशहाली की कामना की. झारखंड मंत्रालय में पद्मश्री को मंच से सम्मानित करने की बात करें या आपके अधिकार – आपकी सरकार – आपके द्वार कार्यक्रम के तहत योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया.

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के साथ कई और राज्य अस्तित्व में आये थे. लेकिन झारखंड आंदोलन की उपज का नतीजा है. वीर सपूतों को बगैर याद किये आज का दिन अधूरा रहेगा. अपने अधिकार की लड़ाई के लिये शहीद होने वालों की लंबी श्रंखला है.

    सीएम ने कहा कि जनजातीय समाज आज भी विकास के साथ कदमताल करने में पीछे है. डेढ़ सौ साल लग गए जनजातीय उत्सव मनाने की घोषणा होने में. इससे जनजातीय संघर्ष का अंदाजा लगाया जा सकता है.

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ये समाज ऊंच – नीच, अमीरी – गरीबी वाला नहीं है. पर कुछ लोग समाज को दो हिस्से में करने का प्रयास करते हैं. राज्य गठन के 20 साल बाद भी इस राज्य को जो गति मिलना चाहिए थी, वो नहीं मिल पायी. कभी इस राज्य को सोने की चिड़िया कहा जाता था. इस राज्य के खनिज से देश के बड़े- बड़े उद्योग चलते हैं. जहां सोना – हीरा पाया जाता है, वहां के लोग आज गरीब हैं.

    उन्होंने कहा कि भाषा व्यक्ति के विकास का सबसे बड़ा माध्यम होता है और वो भी मातृ भाषा. मुख्यमंत्री ने कहा कि हर कोई बिरसा मुंडा और सिदो – कान्हो नहीं हो सकता. सिर्फ संवेदनशील होने की जरूरत है. मैडल से पेट नहीं भर सकता उन्हें रोजगार चाहिये. राज्य सरकार ने खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति शुरू कर दी है. इस मौके पर हेमंत सोरेन ने अनुवादकों और लेखकों को एक- एक लाख रुपये देने की घोषणा की.

    राज्यपाल रमेश बैस ने बिरसा मुंडा को नमन करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि आज अटल बिहारी वाजपेयी को नहीं भूल सकते हैं, जिन्होंने झारखंड अलग राज्य गठन का सपना साकार किया. केंद्र और राज्य की योजना बेहतर तरीके से धरातल पर उतरे, इसके लिये जनसहयोग की जरूरत है. सरकार बहुआयामी प्रयास कर रही है. विभागों में रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ की जा रही है. निवेश प्रोत्साहन नीति-2021 की शुरुआत हुई है.

    राज्यपाल ने कहा कि झारखंड में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं. इससे राजस्व में लाभ और रोजगार के अवसर पैदा होंगे. अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिये आपके अधिकार- आपकी सरकार – आपके द्वार कार्यक्रम की शुरुआत की गई है.

    Tags: CM Hemant Soren, Jharkhand Government, Jharkhand news

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