पत्थलगड़ी वाले जिलों में तेज होंगे जनसंवाद और विकास के काम

हालिया कुछ महीनों में पत्थलगड़ी की बेतहाशा घटनाओं ने सरकार को परेशान कर रखा है. पत्थलगड़ी की घटनाओं ने लॉ एंड आर्डर को भी चुनौती देने की कोशिश की है

Ajay Lal | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: March 13, 2018, 7:50 PM IST
पत्थलगड़ी वाले जिलों में तेज होंगे जनसंवाद और विकास के काम
पत्थलगड़ी पर अहम बैठक
Ajay Lal
Ajay Lal | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: March 13, 2018, 7:50 PM IST
सूबे में पत्थलगड़ी की बेतहाशा बढ़ती घटनाओं के बीच सूबे के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस पर दोतरफा शिकंजा कस दिया है. मुख्यमंत्री ने आज पत्थलगड़ी की घटनाओं पर चार घंटे तक बैठक की
और एक - एक बिन्दु पर गहनता से सबकुछ जानने की कोशिश की. सीएम ने अपने अफसरों को सख्त हिदायत दी है कि कानून को बंधक बनाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा ना जाए, साथ ही ऐसे क्षेत्रों में
जनसंवाद को भी तेज करने का आदेश दिया.

हालिया कुछ महीनों में पत्थलगड़ी की बेतहाशा घटनाओं ने सरकार को परेशान कर रखा है. पत्थलगड़ी की घटनाओं ने लॉ एंड आर्डर को भी चुनौती देने की कोशिश की है. मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि पत्थलगड़ी की आड़ में सामाजिक ताना-बाना को नष्ट नहीं करने दिया जाएगा. सरकार वैसे तत्वों पर कानूनी शिकंजा कसेगी, जो पत्थलगड़ी की आड़ में गलत कार्य में लिप्त हैं. सरकार का इशारा अफीम की खेती और अवैध क्रशर की ओर था.

सीएम ने मुख्य सचिव को सख्त आदेश दिया है कि जिन जिलों में पत्थलगड़ी की घटनाएं हो रही हैं. वहां पर विकास कार्य को और तेज किया जाये. साथ ही ग्रामीण और अफसरों के बीच जनसंवाद को तेज किया जाये. सरकार का मानना है कि विकास और निरंतर विकास जैसे कार्यों के माध्यम से भ्रमित हो रहे ग्रामीणों के दिल में विश्वास पैदा किया जा सकता है. इसके लिए टास्क फोर्स का भी निकट भविष्य में
गठन होगा, जो ग्रामीणों से संपर्क में रहेगा.

पत्थलगड़ी से निबटने के लिए रोडमैप
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भ्रम फैलाने वाले तत्वों पर सख्त नजर रखी जाएगी
ग्रामीणों को भड़काने वाले तत्वों की पहचान करना
जहां जरूरत हो वहां कानून के मुताबिक सख्ती बरती जाएगी
विकास कार्यों को और तेज करने का अभियान
ग्रामीणों के साथ लगातार संवाद स्थापित करने की कोशिश
अफसर विकास कार्यों को ज्यादा से ज्यादा प्रचारित करेंगे
जहां जरूरत होगा वहां गिरफ्तारियां सुनिश्चित होंगी
पत्थलगड़ी को पर्दे के पीछे से हवा देने वालों की पहचान होगी

कुल मिलाकर कहें तो सरकार ने पत्थलगढी और इसकी आड़ में असामाजिक कार्य को गंभीरता से लिया है और आने वाले दिनों में इसका असर भी दिखेगा.

 
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