कोरोना संकट के बीच जेएमएम और कांग्रेस में ठनी! जानिए पूरा मामला

हेमंत सोरेन सरकार के लिये पूर्ण लॉकडाउन की राह में कांगेस रोड़े अटका रही है.

हेमंत सोरेन सरकार के लिये पूर्ण लॉकडाउन की राह में कांगेस रोड़े अटका रही है.

हेमंत सोरेन सरकार के लिये पूर्ण लॉकडाउन की राह में उसकी सहयोगी दल रोड़ा की तरह खड़ी है. झारखंड में हर दिन कोरोना से संक्रमित होने वाले मरीजों का आंकड़ा 6 हजार से ज्यादा तक पहुंच गया है. विशेषज्ञों की माने तो कोरोना का खतरा अभी टलने की बजाय बढ़ने की पूरी संभावना है.

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रांची. झारखंड में स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह का तीसरा चरण चल रहा है. राज्य में इस आंशिक लॉकडाउन के बाद मौजूदा हालात पर सरकार लगातार समीक्षा करने में जुटी है. कोरोना संक्रमितों के घटते-बढ़ते आंकड़ों के बीच भविष्य में पूर्ण लॉकडाउन की संभावना पर चर्चा भी शुरू हो गई है. हेमंत सोरेन सरकार के लिये पूर्ण लॉकडाउन की राह में उसकी सहयोगी दल रोड़ा की तरह खड़ी है. झारखंड में हर दिन कोरोना से संक्रमित होने वाले मरीजों का आंकड़ा 6 हजार से ज्यादा तक पहुंच गया है. कोरोना से मरने वालों की संख्या भी 140 से 150 के बीच रह रहा है. ऐसे में राज्य में जारी स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को लेकर समीक्षा जायज है. कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर हो रही भविष्यवाणी और विशेषज्ञों की माने तो कोरोना का खतरा अभी टलने की बजाय बढ़ने की पूरी संभावना है. ऐसे में सत्ताधारी दल जेएमएम देश के दूसरे राज्यों की तरह लॉकडाउन में और सख्ती की बात कर रही है. जेएमएम का इशारा ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण की तरफ है. उसे पता है कि अगर गांव की दहलीज को कोरोना लांघने में सफल रही तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है.

झारखंड में पूर्ण लॉकडाउन का निर्णय हेमंत सोरेन सरकार के लिये इतना आसान नहीं. ऐसा निर्णय लेने से पहले उसे मुख्य सहयोगी दल कांग्रेस का समर्थन मिलना जरूरी है. इस वक्त कांग्रेस के तेवर से ये साफ झलक रहा है कि वो सरकार के इस निर्णय की राह में रोड़ा की तरह है. कई मौकों पर पार्टी के बड़े नेता ये स्पष्ट कर चुके है कि कांग्रेस जीवन और जीविका दोनों को साथ-साथ लेकर चलना चाहती है. कांग्रेस का मानना है कि स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के पहले चरण से लेकर तीसरे चरण तक में कई बदलाव देखने को मिल रहे हैं. संक्रमितों की संख्या अब पहले के मुकाबले नहीं बढ़ रही है. लगातार राज्य के अस्पतालों में बेड की संख्या में इजाफा हो रहा है. स्वास्थ्य संसाधनों में भी लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. इस तरह राज्य के अंदर कोरोना का बढ़ता दायरा अब समय के साथ सिकुड़ने के कागार तक पहुंच गया है.

राज्य में संभावित लॉकडाउन की संभावना और हकीकत पर हेमंत सोरेन सरकार को निर्णय लेना है. ये बात सच है कि अगर हेमंत सोरेन सरकार पूर्ण लॉकडाउन की ओर कदम बढ़ाती है तो इसके लिये उसे कांग्रेस को तैयार करने के साथ-साथ खुद भी तैयारी करनी होगी क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सरकारी राहत की जरूरत होगी और सरकार को उन जरूरतों को पूरा करने के लिये आगे आना होगा.

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