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झारखंड में अब जमीन विवाद सुलझाएगी कांग्रेस, सभी 24 जिलों में पर्यवेक्षक नियुक्त

झारखंड काग्रेस अध्यक्ष व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव (फाइल फोटो)
झारखंड काग्रेस अध्यक्ष व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव (फाइल फोटो)

सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) के अधीन विभाग में कांग्रेस की इस कथित सियासी सेंधमारी पर बीजेपी ने चुटकी ली है.

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रांची. झारखंड में अब जमीन से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिये प्रदेश कांग्रेस (Jharkhand Congress) ने सभी 24 जिलों में पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. पार्टी अब जमीन विवाद (Land Dispute) के मामलों को निबटाने के लिये अंचल कार्यालयों में कैंप लगाएगी. हालांकि कांग्रेस की इस पहल को राजनीतिक गलियारों में शक की निगाहों से देखा जा रहा है. इसकी एक वजह ये है कि पार्टी के किसी मंत्री के पास नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास भू-राजस्व विभाग है.

पार्टी के प्रवक्ता किशोरनाथ शाहदेव का कहना है कि पर्यवेक्षकों को पार्टी की ओर से टास्क दिया गया है. वे अपने-अपने जिले के अंचल कार्यालय में कैम्प लगाकर जमीन संबंधित विवाद पर लोगों से आवेदन इकट्ठा करेंगे. पहले कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता इन आवेदनों पर अपने स्तर से पहल करते हुए मामले को सुलझाने का प्रयास करेंगे. नहीं सुलझने पर लोग कानूनी रास्ता अपना सकते हैं.

बीजेपी ने ली चुटकी



सूबे की राजनीति में ये पहला मौका है, जब जमीन से संबंधित मामलों को लेकर किसी राजनीतिक दल ने जिलों में पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. सीएम के अधीन विभाग में कांग्रेस की इस कथित सियासी सेंधमारी पर बीजेपी ने चुटकी ली है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश का कहना है कि कांग्रेस की ये चाल उसकी स्वार्थ की राजनीति को उजागर करती है.
जमीन विवाद में होती हैं ज्यादातर हत्याएं

बता दें कि झारखंड में जमीन विवाद में ज्यादातर हत्याएं होती हैं. इन मामलों में पुलिस की भी भूमिका कठघरे में रही है. जमीन विवाद के चक्कर में लोगों को कोर्ट और थानों के सालों-साल चक्कर लगाने पड़ते हैं. लेकिन अब कोर्ट- थाने के बदले लोग कांग्रेस नेताओं के परिक्रमा करते नजर आएंगे. लेकिन कांग्रेस की ये पहल क्या सियासी रंग दिखाएगी, ये वक्त बताएगा.
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