झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष बने रिटायर्ड IPS रामेश्वर उरांव, 5 कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए गए

Bhuwan Kishore Jha | News18 Jharkhand
Updated: August 26, 2019, 7:28 PM IST
झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष बने रिटायर्ड IPS रामेश्वर उरांव, 5 कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए गए
रिटायर्ड IPS रामेश्वर उरांव को मिली झारखंड कांग्रेस की कमान

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो गया है. पार्टी ने डॉ रामेश्वर उरांव को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है.

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झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (Jharkhand Pradesh Congress Committee) के अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो गया है. पार्टी ने रिटायर्ड आईपीएस डॉ रामेश्वर उरांव (Rameshwar Oraon) को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. डॉ अजय कुमार के बाद रामेश्वर उरांव दूसरे आईपीएस हैं जिन्हें पीसीसी की जिम्मेवारी दी गई है. इसके साथ ही कांग्रेस आलाकमान ने पांच कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए हैं जिन पर कांग्रेस की नैया पार लगाने की विशेष रुप से जिम्मेवारी दी गई है.

प्रदेश कांग्रेस में जारी अंदरुनी कलह किसी से छिपी हुई नहीं हैं. यही वजह है कि संगठन मजबूत होने के बजाए बिखरता ही जा रहा है. हाल के दिनों में तो पार्टी की गुटबाजी कांग्रेस भवन से निकल कर सड़क पर आ गया. रही सही कसर डॉ अजय ने पूरा कर दी. राहुल गांधी को भेजे गए इस्तीफे में डॉ अजय ने तो पार्टी के बड़े नेताओं की पोल तक खोल कर रख दी जिसके बाद पार्टी का विवाद दिल्ली शिफ्ट कर गया. काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रामेश्वर उरांव पर सहमति जताते हुए झारखंड कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया है. इसके अलावे कार्यकारी अध्यक्ष के रुप में राजेश ठाकुर, केशव महतो कमलेश, मानस सिन्हा, संजय पासवान और इरफान अंसारी को बनाया गया है.

मनमोहन सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं उरांव

14 फरवरी 1947 को डालटेनगंज में जन्मे रामेश्वर उरांव तेज तर्रार आईपीएस अधिकारी रहे हैं. उन्हें पुलिस सेवा काल में राष्ट्रपति पुलिस मैडल से भी सम्मान मिल चुका है. 2004 में पुलिस सेवा को बाय-बाय
कर राजनीति के क्षेत्र में कदम रखने वाले रामेश्वर उरांव 14वीं लोकसभा में लोहरदगा से चुनाव जीतने में सफल हुए थे. कांग्रेस अध्यक्ष सोनियां गांधी के बेहद करीबी माने जाने वाले रामेश्वर उरांव, मनमोहन कैबिनेट में राज्य मंत्री भी बनाए गए. इसके अलावे वह नेशनल एससी कमीशन के चैयरमैन और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य भी रामेश्वर उरांव रह चुके हैं.

कहा जाता है कि रामेश्वर उरांव को पीसीसी अध्यक्ष बनाने में राज्यसभा सांसद धीरज साहू, प्रदीप बलमुचू सरीख नेताओं की लॉबी आखिरकार काम आई. वहीं पांच कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर युवा नेताओं को पार्टी आगे लाने की कोशिश की है. साथ ही जातिगत समीकरण को भी ध्यान में रखा गया है.
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कार्यकारी अध्यक्ष बनाने में जातिगत समीकरण का ध्यान
इरफान अंसारी (अल्पसंख्यक)-  जामताड़ा से कांग्रेस के विधायक
राजेश ठाकुर (भूमिहार)- कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रभारी और कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह के करीबीकेशव महतो कमलेश (कुर्मी)- संयुक्त बिहार के समय मंत्री, वर्तमान में कांग्रेस के जोनल कॉर्डिनेटर
मानस सिन्हा (कायस्थ)- युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं
संजय पासवान (दलित) - प्रदेश प्रवक्ता, NSUI के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं

बहरहाल, एक अध्यक्ष के साथ पांच-पांच कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस आलाकमान ने झारखंड कांग्रेस में जारी घमासान को कम करने की कोशिश जरूर की है, मगर जिन नेताओं के जिम्मे पीसीसी को दी गई है वह ना तो पार्टी के बड़े चेहरे हैं और ना ही जनता के बीच कोई खास पकड़ रखते हैं. ऐसे में देखना होगा कि कांग्रेस की नैया को पार लगाने में यह नई टीम कितना कारगर साबित हो पाती है.

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First published: August 26, 2019, 6:31 PM IST
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