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रांची: पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार को घेरने के लिए बुलाई बैठक में आपस में भिड़ गए कांग्रेसी

रांची में कांग्रेस प्रदेश कमेटी की बैठक में कांग्रेसी नेता आपस में भिड़ गये.
रांची में कांग्रेस प्रदेश कमेटी की बैठक में कांग्रेसी नेता आपस में भिड़ गये.

झारखंड (Jharkhand) प्रदेश कांग्रेस कमेटी (Congress Committee) की बैठक में कांग्रेस (Congress) के नेता आपस में एक दूसरे से भिड़ गये. यहां पेट्रोल-डीजल (Petrol and diesel) के खिलाफ सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक हो रही थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 22, 2021, 6:33 PM IST
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रांची. पेट्रोल- डीजल (Petrol-Diesel) की बढ़ती कीमतों के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने बैठी कांग्रेस (Congress) के प्रदेश कार्यालय में जमकर हंगामा हुआ. हंगामे का असर कुछ ऐसा था कि कांग्रेस का हाथ मजबूत करने जुटे कांग्रेसियों के हाथ एकदूसरे के खिलाफ लहराते दिखे. प्रदेश कार्यालय के बंद कमरे में प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष और प्रदेश प्रवक्ता ने एकदूसरे के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली. मौके पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सह मंत्री रामेश्वर उरांव और पार्टी विधायक दल के नेता सह मंत्री आलमगीर आलम मूकदर्शक बन कर तमाशा देखते रहे. काफी देर तक हंगामा होता रहा और कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में उपस्थित कार्यकर्ता और नेता कभी इनको, तो कभी उनको समझाने और मनाने में व्यस्त दिखे.

चिट्ठी काटो- चिट्ठी काटो से शुरू हुआ हंगामा

पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी के खिलाफ कांग्रेस ने आंदोलन का कार्यक्रम तय करने के लिये बैठक बुलाई थी. 25 फरवरी से 27 फरवरी तक तीन दिवसीय कार्यक्रम भी तय हो चुका था. इसी बीच प्रदेश प्रवक्ता आलोक दुबे ने चुटकी लेते हुये कहा चिट्ठी काटो-चिट्ठी काटो. ऐसा उनके कहते ही कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश गुस्से में आ गए. इस बीच कार्यक्रम में प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष को भी क्षेत्र में जाने की मांग उठने लगी. देखते ही देखते कार्यकारी अध्यक्ष मानस सिन्हा और राजेश ठाकुर भी प्रदेश प्रवक्ता आलोक दुबे से उलझ गए. इसके बाद जो हुआ उसकी कोई सीमा नहीं थी.



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रामेश्वर उरांव ने कहा पार्टी अभी जिंदा है 

कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में हंगामे के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह सूबे के मंत्री रामेश्वर उरांव ने इसे पार्टी अभी जिंदा है के तौर पर देखा. उनका कहा था कि घर में इतना चलता ही रहता है. कही किसी ने कोई सीमा नहीं लांघी है, सब अपनी बात रख रहे थे. हालांकि वो इस बात को लेकर मीडिया से जरूर खफा दिखे कि बंद कमरे की हकीकत उन्होंने सार्वजनिक क्यों कर दी.
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