14 साल से अलग रह रहे माता-पिता का 14 वर्ष की बेटी ने कराया मेल

महिला जज प्रेमतला के साथ दंपति की बेटी ने लगातार अपने माता-पिता के बीच की दूरी को कम करने की कोशिशें कीं. इस दौरान महिला जज ने कई बार अलग-अलग दोनों से बातचीत की और बेटी का हवाला देकर दोनों को साथ रहने का आग्रह भी किया.

News18 Jharkhand
Updated: July 14, 2019, 1:58 PM IST
14 साल से अलग रह रहे माता-पिता का 14 वर्ष की बेटी ने कराया मेल
बेटी की कोशिशों से 14 साल बाद माता-पिता में हुआ मेल
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Updated: July 14, 2019, 1:58 PM IST
रांची सिविल कोर्ट की महिला जज के साथ एक बेटी की लगातार कोशिशों के बाद 14 साल से अलग रह रहे पति-पत्नी आखिरकार एक साथ रहने को राजी हो गए. दरअसल 2004-05 में रांची के रहने वाले पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि पति ने कोर्ट में तलाक की अर्जी लगा दी थी. इसी दौरान उनकी एक बेटी भी हुई. करीब तीन साल की सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी. लेकिन दोनों के बीच खटास इतनी आ कई थी कि याचिका खारिज होने के बाद भी दोनों अलग-अलग रहने लगे.

अहम के कारण 14 साल से अलग रह रहे थे दंपति



बात इतने से भी खत्म नहीं हुई महिला ने अपनी बेटी के भरण पोषण के लिए कुटुंब कोर्ट में 2008 में याचिका डाली. यह मामला महिला जज प्रेमलता त्रिपाठी की कोर्ट में पहुंचा तो उन्होंने दोनों पक्षों की बात बड़ी ही संजीदगी के साथ सुनी. सुनवाई के दौरान उन्हें लगा कि पति-पत्नी के बीच के विवाद का कारण महज अहम है. इसके बादमहिला जज प्रेमतला के साथ दंपति की बेटी ने लगातार अपने माता-पिता के बीच की दूरी को कम करने की कोशिशें करती रही. इस दौरान महिला जज ने कई बार अलग-अलग दोनों से बातचीत की और बेटी का हवाला देकर दोनों को साथ रहने का आग्रह भी किया.

कोर्ट से तलाक की याचिका खारिज होने के बाद भी अलग रह रहे थे दंपति


बेटी की खातिर एक हुए 14 साल से अलग रह रहे पति-पत्नी

महिला जज प्रेमलता ने उन्हें समझाया कि ‘आप दोनों के आपसी गुस्से में उठाए गए इस कदम से परिवार तो टूट ही रहा है. आपके अलग होने से आपकी बच्ची का परवरिश किसी तरह तो हो ही जाएगा. लेकिन बचपन से ही मां-बाप की लड़ाई देखकर आपकी बच्ची का रिश्तों से भरोसा उठ जाएगा.’ इसके साथ ही बच्ची ने भी माता-पति को एक करने के लिए काफी कोशिशें की. इसी का नतीजा है कि 14 साल बाद दोनों अपनी बच्ची को लेकर एक साथ रहने के लिए राजी हो गए.

आखिरकार सिविल कोर्ट की महिला जज प्रेमतला त्रिपाठी ने बेटी का हवाला देकर अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच मेल करवा दीं.

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