कोरोना का कहर: रांची में लगातार दूसरे साल नहीं निकलेगी सरहुल और रामनवमी की शोभायात्रा

कोरोना के चलते पिछले साल भी रांची में कोई शोभायात्रा नहीं निकाली गई थी. (फाइल फोटो)

कोरोना के चलते पिछले साल भी रांची में कोई शोभायात्रा नहीं निकाली गई थी. (फाइल फोटो)

Corona Effect: 52 साल में लगातार दो साल ऐसा हो रहा है, जब रांची में सरहुल और रामनवमी पर शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी.

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रांची. झारखंड में बढ़ते कोरोना संक्रमण (Corona Infection) को देखते हुए 15 अप्रैल को रांची में सरहुल की शोभायात्रा नहीं निकाली जा सकेगी. पिछले साल भी शोभायात्रा नहीं निकाली गई थी. 52 साल में लगातार दो साल ऐसा हो रहा है, जब रांची में सरहुल पर शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी. सरकार ने सरहुल को लेकर गाइडलाइन जारी किया है. इसके मुताबिक एक साथ पांच लोग सरनास्थल पर जाकर पूजा-पाठ कर पाएंगे. हालांकि सरकार से सरहुल के लिए कुछ छूट देने का आग्रह किया गया है.

रांची में रामनवमी की भी शाेभायात्रा नहीं निकलेगी. सरकार के गाइडलाइन का पालन करते हुए मंदिराें में पूजा-अर्चना की जाएगी. जानकारी के मुताबिक मंडल के लगभग आठ साै सदस्याें और 1800 अखाड़ेधारियाें ने शाेभायात्रा नहीं निकालने पर सहमति जताई है. गुरुवार को जिला प्रशासन के साथ बैठक में सरहुल और रामनवमी की पूजा समितियों ने यह निर्णय लिया है.

रमजान माह को लेकर विभिन्न मस्जिद कमेटियों ने भी क्षमता से आधे लोगों को ही मस्जिद आने और बुजुर्गों को घर पर ही इबादत करने को कहा है.

बता में झारखंड में कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. रांची और जमशेदपुर में सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. इसको लेकर सरकार गंभीर है. इसी वजह से राज्य में अभी भी जुलूस और भीड़भाड़ पर रोक जारी है.
झारखंड (Jharkhand) में बृहस्पतिवार को कोविड-19 (COVID-19) के 1882 नए मामले आए तथा सात और लोगों की मौत हो गयी. स्वास्थ्य विभाग जारी रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण से सात और लोगों की मौत हो जाने से मृतकों की कुल संख्या 1158 हो गयी है. संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,32,790 हो गयी. राज्य में अब तक 1,22,383 लोग ठीक हो चुके हैं. इसके अलावा 9249 संक्रमितों का इलाज विभिन्न अस्पतालों (Hospitals) में जारी है.
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