झारखंड के कोरोना पीड़ित शिक्षा मंत्री की हालत गंभीर, चेन्नई के डॉक्टरों से मांगी मदद

रांची के मेडिका अस्पताल में भर्ती शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की हालत गंभीर बनी हुई है.
रांची के मेडिका अस्पताल में भर्ती शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की हालत गंभीर बनी हुई है.

शिक्षामंत्री जगरनाथ महतो (Jagarnath Mahto) का इलाज कर रहे मेडिका के डॉ विजय मिश्रा ने बताया कि उनकी तबीयत अभी भी गंभीर बनी हुई है. उनका फेफड़ा कोरोना इन्फेक्शन की वजह से पूरी तरह डैमेज हो चुका है.

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रांची. झारखंड के कोरोना पीड़ित शिक्षामंत्री जगरनाथ महतो (Jagarnath Mahto) के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं दिख रहा है, बल्कि उनकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है. इस बीच विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखने की सलाह दी. शिक्षा मंत्री रांची के मेडिका अस्पताल में भर्ती हैं.

शिक्षामंत्री जगरनाथ महतो का इलाज कर रहे मेडिका के डॉ. विजय मिश्रा ने बताया कि उनकी तबीयत अभी भी गंभीर बनी हुई है. उनका फेफड़ा कोरोना इन्फेक्शन की वजह से पूरी तरह डैमेज हो चुका है. मेडिका में लाए जाने के बाद पहले सप्ताह में फेफड़े का इन्फेक्शन कुछ कमा हुआ था, जो फिर बढ़ गया है.

डॉ.विजय मिश्रा के अनुसार शिक्षा मंत्री का फेफड़ा 10 प्रतिशत ही काम कर रहा है और उसमें इतनी ताकत नहीं है कि वह ब्लड को शरीर के दूसरे अंगों तक पहुंचा सके. इसलिए उन्हें लगातार NIV (Non Invsive Ventilator) पर रखा जा रहा है. सौ फीसदी ऑक्सीजन बाहर से दिया जा रहा है.



चेन्नई से लंग्स एंड पल्मोनरी स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स आएंगे रांची
डॉ. विजय मिश्रा के अनुसार शिक्षा मंत्री की स्थिति अभी राज्य से बाहर किसी बड़े संस्थान में ले जाने लायक नहीं है. ऐसे में चेन्नई से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम एक-दो दिनों में रांची आकर शिक्षा मंत्री के स्वास्थ्य की जांच करेगी और अपना सलाह देगी.

28 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे मंत्री 

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो पिछले 28 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. जिसके बाद उन्हें बोकारो से लाकर रांची के रिम्स में भर्ती कराया गया था. 29 सितंबर की रात तबीयत बिगड़ने के बाद एक अक्टूबर को उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स से रांची के मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया. तब से उनका इलाज मेडिका में ही चल रहा है. जहां उनकी स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है.

मेदान्ता, गुड़गांव के डॉक्टरों ने दी ये सलाह 

शिक्षा मंत्री के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने रिम्स के चार वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम बना रखी है. ताकि मेडिका में शिक्षा मंत्री के इलाज में कोई कोताही या कमी न हो. इस टीम के साथ शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मेदान्ता, गुड़गांव के डॉ जतिन मेहता अपने सहयोगी डॉक्टर के साथ जुड़े और शिक्षा मंत्री के स्वास्थ्य की जानकारी ली. अभी तक मेडिका में चल रहे लाइन ऑफ ट्रीटमेंट को मेदांता के डॉक्टरों ने सही बताते हुए शिक्षा मंत्री को NIV की जगह वेंटिलेटर पर रखने की सलाह दी. ताकि रक्त उनके शरीर के हर महत्वपूर्ण अंगों तक पहुंचता रहे.

मेदान्ता के चिकित्सकों के अनुसार 5-7 दिन वेंटिलेटर पर रखने के बाद स्थिति में सुधार होने पर उन्हें राज्य से बाहर शिफ्ट किया जा सकता है. जहां डॉक्टर स्थिति के अनुसार लंग्स ट्रांसप्लांट का विकल्प पर विचार कर सकेंगे.

मेदान्ता के डॉक्टरों के साथ रिम्स कोविड सेंटर इंचार्ज डॉ प्रदीप भट्टाचार्या, रिम्स मेडिसिन प्रभारी डॉ उमेश प्रसाद और लंग एंड पलमोनरी विशेषज्ञ डॉ ब्रजेश मिश्रा ने मेदान्ता के डॉक्टरों को शिक्षा मंत्री की स्थिति से अवगत कराया.

कोरोना जांच रिपोर्ट आई पॉजिटिव

शिक्षामंत्री को लेकर चिंता का विषय यह है कि कोरोना वायरस ने उनके लंग्स को लगभग पूरी तरह डैमेज कर दिया है. वहीं अभी भी उनके शरीर में कोरोना का संक्रमण बना हुआ है. शनिवार को आयी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट में भी शिक्षा मंत्री में कोरोना का संक्रमण मिला है. पहली बार 28 सितंबर को वे कोरोना संक्रमित पाए गए थे.
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