दिल्ली की तर्ज पर झारखंड में भी उठी मांग, प्रवासी मजदूरों के खाते में हों 5 हजार रुपये ट्रांसफर
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दिल्ली की तर्ज पर झारखंड में भी उठी मांग, प्रवासी मजदूरों के खाते में हों 5 हजार रुपये ट्रांसफर
बगोदर के माले विधायक विनोद सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चिट्ठी लिखकर प्रवासी मजदूरों को पैसा मुहैया करने की मांग रखी है. (फाइल फोटो)

झारखंड के के अलग-अलग क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों की तरफ से दिल्ली, बिहार और केरल की तर्ज पर प्रवासी मजदूरों के खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर करने की मांग उठनी शुरू हो गई है.

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रांची. कोरोना वायरस (COVID-19) की वजह से देश में लॉकडाउन (Lockdown) की स्थिति के बीच दूसरे राज्यों में फंसे झारखंड के मजदूरों को खासी दिक्कतों का सामना करने पड़ रहा है. आलम यह है कि जगह-जगह केवल झारखंड के ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों के मजदूर भी अपने रहनुमाओं और प्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगा रहे हैं. इसी क्रम में झारखंड सरकार ने अलग-अलग राज्यों में फंसे मजदूरों के लिए अलग-अलग नोडल अफसर नियुक्त किए हैं, जो हर दिन मजदूरों की रिपोर्ट सरकार को सौंपती है. इसके साथ ही मजदूरों की देखरेख को लेकर एक नियंत्रण कक्ष भी तैयार किया गया है, जहां से प्रवासी मजदूरों पर नजर रखी जाती है. लेकिन जिस मकसद से इस नियंत्रण कक्ष को तैयार किया गया और नोडल अफसर की नियुक्ति की गई वह पूरी तरह सफल नहीं दिख रही. ऐसे में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों की तरफ से दिल्ली, बिहार और केरल की तर्ज पर प्रवासी मजदूरों के खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर करने की मांग उठनी शुरू हो गई है.

माले विधायक ने चिट्ठी लिखकर मुख्यमंत्री से किया निवेदन
बगोदर के माले विधायक विनोद सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चिट्ठी लिखकर प्रवासी मजदूरों को पैसा मुहैया करने की मांग रखी है. विनोद सिंह ने अपने पत्र में प्रवासी मजदूरों को हो रही तकलीफों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा है कि तमाम हेल्पलाइन व संबंधित राज्य सरकारों से आपसी संवाद के बावजूद मुंबई, सूरत, मंगलौर, बेंगलुरु, चेन्नई समेत अन्य राज्यों में फंसे झारखंडवासियों को भोजन और आर्थिक दिक्कत हो रही है. जो मजदूर बाहर फंसे हैं, वह लॉकडाउन खत्म होते ही सर्वप्रथम अपने घर वापस लौटना चाहेंगे, उस परिस्थिति में भी मजदूरों के समक्ष आर्थिक बाधा उत्पन्न होगी. ऐसे में दिल्ली सरकार की तर्ज पर क्यों न झारखंड सरकार भी ऐसे मजदूरों के खाते में 5 हजार रुपए डालने का निर्णय ले.




दूसरे राज्यों में मजदूरों के लिए क्या उठाए जा रहे हैं कदम
मालूम हो कि नई दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने लॉकडाउन की वजह से मुश्किल में आए मजदूरों के बैंक खातों में 5,000-5,000 रुपये भेजने का एलान किया है. इससे दिल्ली के 46 हज़ार मजदूरों को फायदा मिलेगा. वहीं बिहार, यूपी, मध्यप्रदेश, केरल, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, उत्तराखंड जैसे कुछ अन्य राज्य हैं जहां मजदूरों के खाते में 1 हजार डालने की घोषणा की गई है.



सुप्रीम कोर्ट ने भी प्रवासी मजदूरों की स्थिति पर जताई चिंता
गृह मंत्रालय ने भी बीते 27 मार्च को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सभी श्रमिकों समेत प्रवासी मजदूरों की मदद करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया था. वहीं शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी प्रवासी मजदूरों की स्थिति पर चिंता जाहिर की है. एक्टिविस्ट हर्ष मंदर और अंजलि भारद्वाज द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस नागेश्वर राव और जस्टिस दीपक गुप्ता की बंच ने इस संबंध में केंद्र सरकार से 7 अप्रैस तक जवाब मांगा है. वहीं पीठ ने यह भी कहा कि इस संकट के समय में उन्हें असंगठित क्षेत्र में प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा पर चिंता है.

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