झारखंड: होम आइसोलेशन में रहने वाले Corona मरीजों पर नजर, ऑक्सीजन लेवल की होगी मॉनिटरिंग

झारखंड में कोरोना मरीजों की संख्या 68 हजार पार कर गई है
झारखंड में कोरोना मरीजों की संख्या 68 हजार पार कर गई है

झारखंड में होम आइसोलेशन (Home Isolation) में रहने वाले कोरोना मरीजों (Corona Patients) के ऑक्सीजन लेवल की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी.

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रांची. झारखण्ड में कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) की संख्या 68 हजार पार कर चुकी है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेशन (Home Isolation) में रहने वाले मरीजों के ऑक्सीजन लेवल की जानकारी लेने के लिए नियमित मॉनिटरिंग का फैसला लिया है. एनएचएम झारखंड के निदेशक रविशंकर शुक्ला ने सभी जिलों के डीसी को पत्र भेज कर कोरोना मरीजों के ऑक्सीजन लेवल की नियमित मॉनिटरिंग के लिए दिशा निर्देश जारी किया है. सभी उपायुक्तों से कहा गया है कि होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना मरीज के घर में ऑक्सीजन लेवल मापने के लिए पल्स ऑक्सीमीटर का होना जरूरी है.

निर्देश के मुताबिक जो मरीज पल्स ऑक्सीमीटर खरीदने में सक्षम नहीं है, उन्हें जिला प्रशासन द्वारा इसकी व्यवस्था कराई जाए, ताकि समय रहते कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन की कमी होने पर जरूरी सहायता पहुंचाई जा सके.

होम आइसोलेशन के मरीजों की जान बचाने की कोशिश 



निदेशक रविशंकर शुक्ल ने कहा कि संक्रमित मरीजों में से गंभीर व अति गंभीर कोरोना मरीजों की पहचान जरूरी है. ऐसा देखा गया है कि कोरोना के कई मरीज ऐसे मिले हैं, जिनमें covid-19 के लक्षण नहीं होने के बावजूद हाईपोक्सिया यानि शरीर में ऑक्सीजन लेवल कम हो जाता है और रोगी की मौत हो जाती है. ऐसे मरीजों का पता लगाने में पल्स ऑक्सीमीटर काफी उपयोगी साबित होता है.
निदेशक ने सभी जिलों में पर्याप्त मात्रा में पल्स ऑक्सीमीटर और नेबुलाईजर भेजने का निर्देश दिया है. साथ ही कहा कि सरकार का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाने का है. इसलिए एक ओर जहां होम आइसोलेशन वालों की पल्स ऑक्सीमीटर से मॉनिटरिंग की जाएगी, वहीं समय-समय पर डॉक्टर भी बिना लक्षण वाले मरीजों का इलाज करेंगे.
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