• Home
  • »
  • News
  • »
  • jharkhand
  • »
  • Opinion: कोरोना प्रतिबंधों में ढील, खतरे को देखते हुए लगातार सतर्क रहना होगा!

Opinion: कोरोना प्रतिबंधों में ढील, खतरे को देखते हुए लगातार सतर्क रहना होगा!

झारखंड में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आने पर ढील तो दे दी गई, लेकिन त्योहारों के मौसम में संक्रमण का खतरा बना रहेगा. (फाइल फोटो- AP)

झारखंड में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आने पर ढील तो दे दी गई, लेकिन त्योहारों के मौसम में संक्रमण का खतरा बना रहेगा. (फाइल फोटो- AP)

Unlock in Jharkhand: पर्व- त्योहारों के मौसम के साथ- साथ एक बड़ा खतरा यह भी है कि पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में अभी भी कोराना संक्रमण का स्तर बहुत कम नहीं हुआ है. ये दोनों प्रदेश झारखंड की सीमा से लगते हैं. ऐसे में झारखंड के लोगों को ही नहीं, बल्कि प्रशासन को भी लगातार सतर्कता बरतती रहनी होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

रांची. झारखंड सरकार ने मंगलवार को कोविड-19 महामारी (COVID 19 Epidemic) के बीच लगाए गए प्रतिबंधों में कुछ ढील देने की घोषणा की. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता (Health Minister Banna Gupta) ने कहा, ‘‘बड़े धार्मिक स्थलों में हर घंटे अधिकतम 100 श्रद्धालुओं को अनुमति दी जाएगी, छोटे धार्मिक स्थलों पर उनकी कुल क्षमता के 50 प्रतिशत श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति होगी, रेस्तरां को रात 11 बजे तक अनुमति दी जाएगी, लेकिन कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है. स्वास्थ्य मंत्री ने शिक्षण संस्थानों को फिर से शुरू करने पर कहा, ‘‘ छठी कक्षा से नीचे के छात्रों के लिए स्कूल अभी के लिए बंद रहेंगे, कक्षा 6 वीं और उससे ऊपर के छात्रों के लिए कक्षाएं सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक फिर से शुरू होंगी, सभी कॉलेज फिर से खुलेंगे और वे पहले की तरह ही काम करेंगे.’’ इस बीच, झारखंड ने सोमवार को कोविड -19 के खिलाफ करीब 1.80 लाख निवासियों का कोरोना टीकाकरण (Corona Vaccination किया, क्योंकि राज्य भर में कम से कम 1,856 सत्र स्थल सुबह से शाम तक चालू रहे, स्वास्थ्य विभाग द्वारा संकलित आंकड़ों पर प्रकाश डाला गया.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) द्वारा जारी अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, राज्य ने सोमवार को 1,22,354 निवासियों को कोविड -19 के खिलाफ टीके की पहली खुराक दी, जबकि दूसरी खुराक कम से कम 57,210 लाभार्थियों को दी गई. उस दिन टीकाकरण किए गए लगभग 1.30 लाख लाभार्थियों की आयु 18 वर्ष से 44 वर्ष के बीच थी.

झारखंड में अब तक 3.48 लाख से अधिक निवासियों ने कोविड -19 के लिए सकारात्मक परीक्षण किया है और उनमें से 98.48 प्रतिशत ठीक हो चुके हैं, जबकि 1.47 प्रतिशत रोगी जीवित नहीं रह सके. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सोमवार के अंत तक 24 में से कम से कम नौ जिलों में कोविड -19 के शून्य सक्रिय मामले थे.

जाहिर है, कोविड-19 प्रदेश में बहुत हद तक नियंत्रण में है. 15 सितंबर को कुल 10 नये संक्रमण सामने आए हैं और कुल सक्रिय संक्रमितों की संख्या 110 है। कोरोना टेस्ट भी पूरी सक्रियता से जारी है और जिनका टेस्ट हो रहा है, उनमें 1000 लोगों में से मात्र एक संक्रमित पाए जा रहे हैं. ये आंकड़े भरोसा दिलाते हैं कि ढील देने के बावजूद बहुत ज्यादा संक्रमण की आशंका नहीं है.

ऐसे फेस्टीवल का मौसम आ रहा है. अगले महीने दुर्गा पूजा है, जो प्रदेश का एक बड़ा त्यौहार है और इसमें सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना मुश्किल होती है. दुर्गा पूजा के बाद दीपावली और छठ भी है, और इस बीच अनेक छोटे बड़े त्यौहार हैं. जाहिर है कि लोगों को पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी से दी गई ढील का इस्तेमाल करना होगा और प्रशासन को भी लगातार निगरानी रखनी होगी और जैसे ही संक्रमण की संख्या बढ़े, प्रशासन को दी गई रियायतें वापस लेनी होंगी.

पर्व- त्यौहारों के मौसम के साथ- साथ एक बड़ा खतरा यह भी है कि पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में अभी भी कोराना संक्रमण का स्तर बहुत कम नहीं हुआ है. ये दोनों प्रदेश झारखंड की सीमा से लगते हैं और वहां से कोरोना की नई लहर के आयातित होने का खतरा भी बना हुआ है. इसलिए झारखंड के लोगों को ही नहीं, बल्कि प्रशासन को भी लगातार सतर्कता बरतती रहनी होगी.

(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है)

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज