झारखंड में 50 हजार गर्भवती महिलाओं की प्रसव से पहले हो रही कोरोना जांच, जानिए वजह
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झारखंड में 50 हजार गर्भवती महिलाओं की प्रसव से पहले हो रही कोरोना जांच, जानिए वजह
प्रसव के समय कोई परेशानी न हो, इसलिए गर्भवती महिलाओं की पहले ही कोरोना जांच की जा रही है.

राज्य में मई महीने में ही 51,933 गर्भवती महिलाएं (Pregnant Women) मां बनने वाली हैं. आपात स्थिति में प्रसव या सिजेरियन में कोई परेशानी न हो, इसलिए इनकी कोरोना जांच (Corona Test) पहले की जा रही है.

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रांची. कोरोनाकाल में झारखंड की हेमंत सरकार (Hemant Government) ने गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) के लिए बड़ी योजना बनाई है, जिसकी शुरुआत मंगलवार से हुई. दरअसल जिन महिलाओं की मई महीने में प्रसव की तिथि है, उन सभी महिलाओं की कोरोना जांच (Corona Test) पहले ही कराई जा रही है, जिसकी शुरुआत रांची के नामकुम इलाके से की गई. राज्य में मई महीने में ही 51,933 गर्भवती महिलाएं मां बनने वाली हैं. आपात स्थिति में प्रसव या सिजेरियन के समय कोई परेशानी न हो, इसके लिए हेमंत सोरेन की सरकार ने गर्भवती महिलाओं की कोरोना जांच करा लेने का फैसला किया है.

रांची में 3500 गर्भवती महिलाओं की होगी कोरोना जांच 

रांची के सिविल सर्जन डॉ. वीबी प्रसाद ने बताया कि राजधानी के नामकुम के साथ-साथ रातू और सदर इलाके में भी गर्भवती महिलाओं का कोविड-19 टेस्ट कराया जाएगा. रांची जिले में करीब 3500 गर्भवती महिलाएं हैं, जिनका कोविड टेस्ट अगले 3-7 दिनों में करा लिया जाएगा. इस योजना में खास यह है कि कोरोना जांच के साथ-साथ सभी गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य रिपोर्ट और मोबाइल नंबर सहित पूरा डाटा भी रखा जा रहा है.



कोरोना जांच के बाद प्रसव में नहीं होगी कोई परेशानी 



स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने न्यूज-18 से बातचीत में कहा कि राज्य की सभी गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव सरकार की जवाबदेही है. इस महीने मां बनने वाली गर्भवती महिलाओं की कोविड19 जांच कर लेने को कहा गया है. राज्य भर में ट्रू नेट मशीन लगाने की भी योजना है, ताकि प्रसव के समय परेशानी न हो. इस योजना के तहत राज्यभर की सभी गर्भवती माताओं की कोविड-19 जांच कराई जाएगी, ताकि आपात स्थिति में प्रसव या सिजेरियन में कोई परेशानी न आए.

सरकार के फैसले का स्वागत 

22 मई को संभावित डिलीवरी वाली प्रीति हो या फिर 27 मई को मां बनने की संभावना वाली शिवानी या फिर सुषमा बलमुचू, सभी ने सरकार की इस सोच की प्रशंसा की है. इनका कहना है कि अब उन्हें उस डर से मुक्ति मिल जाएगी कि प्रसव के समय इधर से उधर भटकना न पड़े. उधर, डॉक्टर और नर्स भी कोरोना संक्रमण के भय से मुक्त हो जाएंगे. और बेझिझक प्रसव कराएंगे.

बच्चे को जन्म देने के बाद कुछ महिलाएं निकलीं कोरोना पॉजिटिव

बता दें कि रांची के रिम्स और सदर अस्पताल में बच्चे को जन्म देने के बाद कुछ महिलाओं की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई. जिसके बाद उनकी प्रसव कराने वाली डॉक्टर और नर्सों को क्वारंटाइन में जाना पड़ा. साथ ही प्रसूति विभाग को कुछ दिन के लिए बंद करना पड़ा. हालांकि अब दोनों जगहों पर सेनेटाइजेशन के बाद प्रसूति विभाग खोल दिए गए हैं. लेकिन इन मामलों से प्राइवेट नर्सिंग होम और अस्पतालों ने भी गर्भवती महिला को प्रसव के लिए भर्ती करना बंद कर दिया था. इससे कुछ महिलाओं के गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई. लिहाजा सरकार ने अस्पतालों और गर्भवती महिलाओं की भलाई के लिए प्रसव से पहले कोरोना जांच कराने का फैसला लिया.

रिपोर्ट- उपेन्द्र कुमार

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First published: May 12, 2020, 4:35 PM IST
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