Jharkhand COVID-19 Update: 24 घंटे में 977 नए कोरोना केस, 19 लोगों की मौत

कोरोना की वजह से झारखंड में 19 लोगों की मौत.  (Photo- moneycontrol)

कोरोना की वजह से झारखंड में 19 लोगों की मौत. (Photo- moneycontrol)

Coronavirus in Jharkhand: पिछले 24 घंटे में झारखंड में 977 नए कोरोना (COVID-19) पॉजिटिव केस मिले है. संक्रमण की वजह से 19 लोगों की मौत हो गई है.

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रांची. कोरोना (COVID-19) की दूसरी लहर का सामना कर रही झारखंड के लिए एक अच्छी खबर है. सूबे में कोरोना के मामलों में कमी देखी जा रही है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक राज्य में पिछले 24 घंटे में  977 नए कोरोना पॉजिटिव केस मिले है. 2403 मरीजों ने दी कोरोना को मात देने में सफलता हासिल की है. आज 19 लोगों की मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हो गई है. रांची जिले में पिछले 24 घंटे में 120 नए कोरोना केस मिले हैं.

रांची जिले में पिछले 24 घंटे में 07 लोगों की मौत कोरोना संकमण की वजह से हो गई है. राज्य में कुल एक्टिव केस की संख्या 14हजार 196 हो गई है. झारखंड का रिकवरी रेट 94.28 प्रतिशत तक पहुंच गई है.

वैक्सीन की बरबादी

देशभर में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए अब राज्‍यों ने वैक्‍सीनेशन पर जोर देना शुरू कर दि‍या है. केंद्र सरकार ने राज्‍यों से टीकाकरण की गति तेज करने पर ज़ोर दिया है. आपको बता दें क‍ि केंद्र ने राज्यों के साथ टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की और इस बैठक की अध्‍यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने की. इस बैठक में वैक्सीन की बर्बादी पर भी चर्चा की गई. इस चर्चा में सामने आया क‍ि सबसे अधिक झारखंड में 37.3 फीसदी वैक्सीन की बर्बादी होती है. इसके बाद छत्तीसगढ़ का नंबर आता है, यहां पर 30.2 फीसदी वैक्‍सीन की बर्बादी होती है. इसमें तमिलनाडु तीसरे नंबर पर है, जहां 15.5 फीसदी, चौथे पायदान पर जम्मू-कश्मीर जहां 10.8 फीसदी और पांचवें पायदान में मध्‍य प्रदेश आता है, जहां 10.7 फीसदी टीकों की बर्बादी होती है.
बढ़ सकता है लॉकडाउन

कोरोना वायरस को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को अपने मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की. इस दौरान सीएम सोरेन ने कई मुद्दों पर मंत्रियो से चर्चा की. अब कहा जा रहा है कि प्रदेश में एक सप्ताह के लिए लॉकडाउन को और बढ़ाया जा सकता है. बैठक में मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाले शत प्रतिशत श्रमिकों की आरटीपीसीआर जांच सुनिश्चित की जाएगी. इसके बाद ही ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण की दर घटेगी. उन्होंने स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को एक सप्ताह बढ़ाए जाने का सुझाव दिया. उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में उपचार के जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाने की बात कही.

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