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साइबर क्रिमिनल्‍स ने पुलिस के ही 'हथियार' से लगाया 80 लाख का चूना, पढ़ें पूरी कहानी

साइबर अपराधी व्हाट्स ऐप पर लड़कियों का न्यूड वीडियो भेजकर लोगों को अपने चुंगल में फंसाते हैं. फिर ठगी करते हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

Cyber Crime: रांची के साइबर डीएसपी सुमित कुमार ने बताया कि साइबर ठग व्हाट्सएप पर लड़कियों का न्यूड वीडियो भेजकर लोगों को अपने चुंगल में फंसाते हैं.

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रांची. फर्जी पुलिस, कॉलगर्ल और यूट्यूबर की साठ-गांठ ने वर्तमान दौर में साइबर अपराध (Cyber Crime) को नई धार दी है. इसमें पुलिसवालों के वीडियो और फोटो के इस्तेमाल का ट्रेंड बढ़ा है. कुछ इसी तरह का अपराध राजस्थान में सामने आया, जिसके बाद झारखंड सीआईडी (साइबर सेल) ने इस अपराध से बचने के लिए लोगों को गुर सिखाने के लिए एक यूट्यूब चैनल की शुरुआत की, लेकिन इसी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी ठगी की घटना को अंजाम देने में जुट गए और 80 लाख से अधिक रकम ठग लिए.

सीआईडी के साइबर डीएसपी सुमित कुमार के द्वारा साइबर सुरक्षा के नाम से एक यूट्यूब चैनल की शुरुआत की गई. ऐसा लोगों को साइबर अपराधियों से बचाने के लिए किया गया, लेकिन पुलिस के इस कदम का फायदा साइबर अपराधियों ने उठा लिया और करीब 80 लाख की ठगी कर ली. मामले की जानकारी मिलने के बाद सीआईडी के साइबर डीएसपी ने इसकी जानकारी राजस्थान साइबर सेल को दी. जिसके बाद 11 साइबर अपराधियों को राजस्थान के अरवल से धर दबोचा गया.

मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी ने बताया कि इस गिरोह द्वारा व्हाट्सएप पर न्यूड लड़कियों का वीडियो चलकर लोगों को अपने चुंगल में फंसाने का काम किया जाता है. सेक्सटॉर्शन के नाम पर उनसे ठगी की जाती है.

दरअसल, रांची के साइबर डीएसपी सुमित कुमार ने लोगों को ठगी का शिकार होने से बचाने के लिए सोशल साइट पर वीडियो अपलोड किया था, लेकिन उसी वीडियो को शातिर साइबर अपराधियों ने ठगी और ब्लैकमेल के लिए हथियार बना लिया. डीएसपी का वीडियो दिखाकर न्यूड वीडियो फ्रॉड किया जा रहा था. इस वीडियो को एडिट कर उसमें साइबर फ्रॉड अपनी आवाज डालते थे. जिस कारण लोग आसानी से झांसे में आ जाते थे.

डीएसपी मे बताया कि उनके अलावा और भी कई पुलिसवालों के फोटो और वीडियो का इस्तेमाल कर साइबर फ्रॉड की घटनाओं को अंजाम दिया गया है.
Published by:Naween Kumar Jha
First published: