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नये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर के स्वागत में रांची एयरपोर्ट पर उमड़ी भीड़, पार्टी के लिए इसके बड़े मायने

नये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर के स्वागत में रांची एयरपोर्ट पर उमड़ी भीड़, पार्टी के लिए इसके बड़े मायने

झारखंड कांग्रेस के नये अध्यक्ष राजेश ठाकुर का रांची एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत किया गया.

झारखंड कांग्रेस के नये अध्यक्ष राजेश ठाकुर का रांची एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत किया गया.

Jharkhand Congress: झारखंड कांग्रेस की नई टीम में सामाजिक संतुलन के साथ- साथ मजबूत राजनीतिक पकड़ की धमक दिखती है. रांची एयरपोर्ट पर उम्मीद से ज्यादा जो भीड़ देखने को मिली, ये उसी संतुलन का ताजा उदाहरण है.

रांची. कहते हैं राजनीति में भीड़ के बहुत मायने होते हैं. भारी भीड़ जहां राजनीतिक दिशा के बदलने की ओर इशारा करती है, तो वहीं भीड़ का नहीं जुटना राजनीतिक कमजोरी को भी दर्शाता है. आप सोच रहे होंगे कि आज बात भीड़ की क्यूं हो रही है. दरअसल लंबे अरसे के बाद जिस भीड़ को, जिस जोश व उत्साह को देखने के लिये कांग्रेस जनों की आंखें सालों से तरस रही थी. आज वो तस्वीर रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर देखने को मिली. मौका था नये प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर सहित चार कार्यकारी अध्यक्ष गीता कोड़ा, बंधु तिर्की, जलेश्वर महतो और शहजाद अनवर के स्वागत कार्यक्रम का.

नये प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में कोई पीछे ना रह जाये, इसको लेकर रांची एयरपोर्ट पर भागमभाग देखने को मिली. नज़ारा देखने लायक था. ढोल – नगाड़े, गाजे-बाजे की धुन पर कांग्रेस जिंदाबाद के नारे लग रहे थे. किसी के हाथ में अपने प्रिय नेता के नाम की तख्ती थी, तो किसी के हाथ में गुलदस्ता. कोई अपने नेता को माला पहनाने के लिये परेशान दिख रहा था, तो कोई उनके साथ सेल्फी लेने को आतूर. कार्यकर्ताओं के इस गर्म जोशी भरे स्वागत का आभार भी नवनियुक्त पदाधिकारियों ने बड़े ही सहजता भरे अंदाज में किया.

झारखंड कांग्रेस की नई टीम में सामाजिक संतुलन के साथ- साथ मजबूत राजनीतिक पकड़ की धमक दिखती है. रांची एयरपोर्ट पर उम्मीद से ज्यादा जो भीड़ देखने को मिली, ये उसी संतुलन का ताजा उदाहरण है. इस संतुलन को समझने के लिये झारखंड कांग्रेस के 5 चेहरों को समझने की जरूरत है.

झारखंड कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर
राजेश ठाकुर का राजनीतिक इतिहास NSUI से शुरू होता है. स्वभाव के सरल – मृदुभाषी और सबको साथ लेकर चलने की क्षमता रखने वाले राजेश ठाकुर ने यूथ कांग्रेस से लेकर महासचिव का पद और फिर प्रदेश कमिटी में प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी का दायित्व बखुबी निभाया है. यही वजह है कि रामेश्वर उरांव की कमिटी में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष का पद संभालते हुए, अब खुद प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर विराजमान हो चुके हैं. राजेश ठाकुर को कांग्रेस का सच्चा सिपाही और जमीनी कार्यकर्ता के तौर पर जाना जाता है. शायद यही वजह है कि आज प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उनकी ताजपोशी से सभी उत्साहित हैं.

प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष गीता कोड़ा

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा झारखंड की राजनीति में स्थापित चेहरा हैं. कोल्हान प्रमंडल की राजनीति में कोड़ा परिवार की पकड़ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि खुद की पार्टी का वजूद हमेशा जिंदा रखा. अब जबकि कांग्रेस में उनकी जय भारत समानता पार्टी का विलय हो चुका है, तब कांग्रेस को लाभ मिलना लाजमी है. गीता कोड़ा पश्चिमी सिंहभूम लोकसभा सीट से सांसद हैं और कांग्रेस को महिला नेत्री के तौर पर बड़ा चेहरा मिल गया है.

प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की
झारखंड की राजनीति में बंधु तिर्की किसी परिचय के मोहताज नहीं. जब वो निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरते थे, तब भी राष्ट्रीय दलों की सांसे फूलती थी और आज जब वो कांग्रेस जैसे राष्ट्रीय दल में है, तब भी बीजेपी जैसे राष्ट्रीय दल को उनके क्षेत्र में सोचना पड़ता है. जेवीएम का कांग्रेस में विलय का दावा करने वाले बंधु तिर्की आदिवासी समाज के बीच बेहद लोकप्रिय हैं. आदिवासी – मूलवासी के हक-अधिकार की बात करने वाले बंधु तिर्की के साथ नौजवानों की भी एक बड़ी फ़ौज हर वक्त दिखती है.

प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष जलेश्वर महतो
पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो का कोयलांचल के इलाके में अपनी एक अलग पकड़ है. कभी जदयू के प्रदेश अध्यक्ष रहे जलेश्वर महतो ने अपने राजनीतिक जीवन में एक खास तबके को हमेशा साथ रखने में सफलता अर्जित की है. पिछड़ा वर्ग की राजनीति के लिहाज से भी कांग्रेस के इस दांव को समझा जा सकता है. जब देश और प्रदेश में OBC आरक्षण को बढाने की आवाज बुलंद हो रही है, तब कांग्रेस का ये OBC कार्ड हुकुम का एक्का साबित हो सकता है.

प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शहजाद अनवर
पिछले राज्यसभा चुनाव में शहजाद अनवर कांग्रेस के उम्मीदवार रह चुके हैं. उससे पहले रामगढ़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का इतिहास भी है. अल्पसंख्यक राजनीति के लिहाज से देखे तो कांग्रेस ने शहजाद अनवर का चयन कर अपने राजनीतिक स्टैंड को साफ कर दिया है. पिछले बार विधायक इरफान अंसारी प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर चुने गए थे. शहजाद अनवर को लेकर झारखंड के अल्पसंख्यक समुदाय में उत्साह है. ये उत्साह भीड़ के रूप में रांची एयरपोर्ट पर देखने को भी मिला.

Tags: Congress, Jharkhand Congress

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