Cyclone Yaas: झारखंड में भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया इन शहरों के लिए अलर्ट

झारखंड के दस जिलों के लिए गुरुवार को ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है.

Jharkhand Weather Update: चक्रवाती तूफान ‘यास’ के चलते बुधवार को झारखंड में भीषण बारिश हुई. गुरुवार को गढ़वा और डालटनगंज में भारी बारिश के आसार हैं. रांची, खूंटी, गुमला, लातेहार, चतरा में भारी बारिश की संभावना है. राज्य के दस जिलों के लिए आरेंज अलर्ट जारी हुआ है.

  • Share this:
रांची. चक्रवात यास (Cyclone Yaas) पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तबाही मचाने के बाद अब झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ चला है. चक्रवाती तूफान ‘यास’ के चलते बुधवार को झारखंड में भीषण बारिश हुई. चक्रवाती तूफान के झारखंड में दस्तक देने के दूसरे दिन गुरुवार को गढ़वा और डालटनगंज में भारी बारिश के आसार हैं. इसको लेकर मौसम केंद्र की ओर से रेड अलर्ट जारी किया गया है. गुरुवार को राज्य के रांची, खूंटी, गुमला, लातेहार, चतरा में भारी बारिश की संभावना है.

दूसरे दिन गुरुवार को सुबह साढ़े सात बजे तूफान डिप्रेशन के तौर पर खूंटी में मौजूद रहेगा. दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, राजमहल से लेकर देवघर, कोडरमा, हजारीबाग समेत शेष अन्य जिले में हल्की बारिश के साथ तेज़ हवा चलने की संभावना है. बुधवार को तूफान के प्रभाव में जमशेदपुर में सबसे ज्यादा 56.0
मिमी और राजधानी रांची में 33.0 मिमी बारिश हुई. डालटनगंज में 8.0 मिमी बारिश हुई. रामगढ़ में 41.4, चाईबासा में 40.2, घाटशिला में 33.4 मिमी बारिश हुई.

दस जिलों के लिए आरेंज अलर्ट जारी

राज्य के दस जिलों के लिए गुरुवार को आरेंज अलर्ट जारी हुआ है. पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, रांची, चतरा, रामगढ़, रांची और खूंटी में बहुत भारी बारिश की संभावना है.
40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और वज्रपात की आशंका है.

स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में तैनात की गई हैै. तेज हवा के कारण कई घरों को नुकसान पहुंचा और पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ. सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों पर इसका असर देखने को मिला है। पूर्वी सिंहभूम में सबसे ज्यादा 9500 लोगों को तटीय इलाकों से राहत शिविर में भेजा गया.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत चक्रवातीय तूफान से बचाव और राहत को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली है. इसके तहत अस्पतालों में बिजली और ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित नहीं हो, इसके लिए पुख्ता व्यवस्था की गई है. वहीं, पेड़, खंभे और पोल आदि के गिरने से सड़कों पर आवागमन बाधित नहीं हो, इस बाबत सभी जिलों के उपायुक्त को गिरने वाले पेड़ों को हटाने के लिए पूरी व्यवस्था करने को कहा गया है.