होम /न्यूज /झारखंड /

विश्व पर्यावरण दिवस : रांची के लिए खतरे की घंटी, हर साल 6 फीट नीचे जा रहा है जलस्तर

विश्व पर्यावरण दिवस : रांची के लिए खतरे की घंटी, हर साल 6 फीट नीचे जा रहा है जलस्तर

हर साल 6 फीट कम हो रहा रांची का जलस्तर

हर साल 6 फीट कम हो रहा रांची का जलस्तर

सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड की रिपोर्ट की माने तो रांची में बहुत ही तेजी से भूमिगत जल का दोहन हो रहा है. जिसका असर आने वाले 10 सालों में साफ तौर से देखने को मिलेगा. रिपोर्ट के अनुसार हर साल जलस्तर औसतन छह फीट कम हो रहा है.

    गर्मी में पानी को लेकर त्राहिमाम की स्थिति राजधानी रांची की नियति बन गयी है. ताल-तलैया सूखने के कगार पर हैं तो वहीं सप्लाई वाटर भी दम तोड़ती नजर आ रही है. यही वजह है कि लोग प्यास बुझाने के लिए रोज धरती का सीना चीर रहे हैं. जिसकी वजह से हर साल राजधानी रांची का वाटर लेवल नीचे जा रहा है और लोगों की हलक सुख रही है.

    खतरे की घंटी है सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड की रिपोर्ट 

    सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड की रिपोर्ट की माने तो रांची में बहुत ही तेजी से भूमिगत जल का दोहन हो रहा है. जिसका असर आने वाले 10 सालों में साफ तौर से देखने को मिलेगा. रिपोर्ट के अनुसार हर साल जलस्तर औसतन छह फीट कम हो रहा है. बेहतर बारिश के बाद भी राजधानी रांची में पानी के खपत के हिसाब से महज 4.46 प्रतिशत पानी ही रिचार्ज हो पाता है. 80 प्रतिशत से भी अधिक बारिश का पानी सड़कों पर बह जाता है.

    कई इलाकों में एक हजार फीट पर भी नहीं निकलता है पानी

    हालात ये हे कि निगम के जिन टैंकरों को शहर की प्यास बुझाने की जिम्मेवारी दी गई है. उन्हें भी अब पानी भरने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है. उनका कहना है कि निगम के कई हाइड्रेंट खराब हो चुके हैं और जो बचे हैं उनकी भी स्थिति कुछ अच्छी नहीं है. वहीं रांची में बोरिंग करनेवाले वाहन चालकों का कहना है कि हजार फीट डीप बोरिंग करने के बाद भी कई जगह पानी नहीं निकल पाता. बता दें कि हरमू इलाके में 900 फीट बोरिंग के बाद भी पानी नहीं निकलता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वाटर रिचार्ज नहीं होने के चलते और अत्याधिक दोहन की वजह से ये स्थिति सामने आई है. हरमू इलाके के एक शख्स ने बताया कि 3 साल पहले बोरिंग कराई थी लेकिन इस बार बोरिंग फेल हो गया. राजधानी रांची में करीब-करीब कमोबेश यही स्थिति सभी इलाके की है.

    खराब चापानलों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जोड़ने की तैयारी

    निगम के स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य और वार्ड पार्षद अरुण झा ने बताया कि हरमू विद्यानगर की स्थिति इस वक्त काफी खराब है. ज्यादातर निगम के हाइड्रेंट फेल हैं और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर निगम के प्रस्ताव के बाद भी कोई काम शुरू नहीं हुआ है. वहीं मेयर आशा लकड़ा ने बताया कि निगम क्षेत्र में खराब चापानलों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जोड़कर भूगर्भ जल को बचाने की कोशिश की जाएगी.

    (रांची से ओमप्रकाश की रिपोर्ट)

    ये भी पढ़ें - खुफिया विभाग से मिली नक्सली मूवमेंट की सूचना, रांची में खास एहतियात बरतने के निर्देश

    एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

    Tags: Jharkhand news, Ranchi news, Water Crisis

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर