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देवघर हादसा: ऊपर आसमान, नीचे खाई..जानें त्रिकुट पर्वत रोपवे के रेस्क्यू ऑपरेशन का अपडेट

देवघर में हुए रोपवे हादसे के बाद चल रहा राहत कार्य

देवघर में हुए रोपवे हादसे के बाद चल रहा राहत कार्य

Jharkhand Rope Way Accident: त्रिकुट रोपवे हादसा में 2 महिलाओं की मौत हुई है वहीं 8 घायलों का देवघर सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है. अब भी 12 ट्रॉली में कुल 48 लोग फंसे हैं. एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर से फंसे हुए लोगों का रेस्क्यू का प्रयास जारी है.

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रांची. झारखंड के देवघर में हुए रोपवे हादसे (Jharkhand Rope Way Accident) के बाद राहत और बचाव का काम जारी है. एनडीआरएफ, आईटीबीपी, एयरफोर्स और आर्मी संयुक्त ऑपरेशन (Deoghar Rescue Operation) चला रहा है. इस दौरान रोपवे में लोग पूरे रात भर फंसे हुए रहे. आईटीबीपी की ओर से कहा गया है कि सोमवार की शाम तक सभी लोगों को निकाल लिया जाएगा. हेलीकॉप्टर के जरिए ट्राली में फंसे लोगों को खाना पानी पहुंचाया जा रहा है. कल शाम तक 48 लोग फंसे हुए थे. 18 लोगों को अभी तक बाहर निकाला गया है अभी भी 30 लोग फंसे हुए हैं.

हादसे के बारे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि कल से ही इस पूरे मामले पर नजरें बनाये हैं हुए हैं एनडीआरएफ आईटीबीपी एयरफोर्स के साथ साथ जिला प्रशासन द्वारा मदद की जा रही है. जल्द ही जांच कमिटी बनाई जाएगी और जिसने रोपवे बनाया है वह भी पहुंच चुका है.

26 ट्रॉली के साथ त्रिकुट पर्वत पर चलता है रोपवे, कल चल रही थीं 24

गौरतलब है कि त्रिकुट पर्वत पर संचालित रोपवे कुल 26 ट्रॉलियों के साथ चलाया जाता है, हालांकि रविवार को 24 ही चल रही थीं. 2 ट्रॉलियों का मेंटेनेंस किया जा रहा था. हादसे के समय रोपवे के 20 केबिन में 80 यात्री सवार थे. इनमें से 8 केबिन में फंसे करीब 28 लोग रविवार की रात तक ही निकाल लिये गए थे, जबकि 12 अन्‍य ट्रॉलियों में फंसे लोगों को बचाने के लिए अब अभियान चलाया जा रहा है. पहाड़ के ऊपर फंसे करीब 25 से 30 लोग रात में पैदल ही नीचे उतर गए.

झारखंड का इकलौता रोपवे है त्रिकुट पर्वत पर

झारखंड का एकमात्र रोपवे देवघर के त्रिकुट पर्वत पर है इसके माध्यम से यहां आए पर्यटक पर्वत पर जाते हैं. रविवार को रोपवे ने ज्योंही यात्रा प्रारंभ की, इसके टाप लेवल के रोप का सैप टूट गया. रोपवे का संचालन दामोदर वैली कंपनी करती है. इससे सालाना तकरीबन 80 लाख रुपये सरकार को मिलते हैं. रोपवे के शुरू होने पर एक तरफ से 12 केबिन और दूसरी तरफ से 12 केबिन एक साथ चलते हैं. घटना ऊपर से नीचे आने वाले रोपवे के सैप टूटने से हुई है. इससे रोपवे बंद हो गया. हालांकि नीचे से ऊपर की ओर जाने वाला सैप नहीं टूटा था. इस घटना में टाप के दो केबिन के यात्री ज्यादा घायल हैं.

Tags: Jharkhand news

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