Assembly Banner 2021

Ranchi News: डिप्‍टी मेयर ने नगर निगम के खिलाफ ही खोला मोर्चा, सीएम हेमंत सोरेन को लिखी चिट्ठी

रांची में नगर निगम के उप महापौर ने की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिकायत.

रांची में नगर निगम के उप महापौर ने की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिकायत.

रांची नगर निगम के उपमहापौर संजीव विजयवर्गीय ने नगर निगम के उस आदेश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिसमें लॉज, हॉस्टल और बैंक्वेट हॉल को रजिस्‍ट्रेशन के लिए कहा गया है.

  • Last Updated: February 25, 2021, 7:28 AM IST
  • Share this:
रांची. नगर निगम (Ranchi Municipal Corporation) का विवादों से चोली-दामन का साथ रहा है. एक विवाद खत्म होते ही दूसरा शुरू हो जाता है. एक बार फिर रांची नगर निगम के प्रशासनिक निर्देशों के खिलाफ रांची के उपमहापौर (Deputy Mayor) संजीव विजयवर्गीय ने मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस पूरे मामले से अवगत कराया है.

दरअसल, बिना लाइसेंस वाले लॉज, हॉस्टल और बैंक्वेट हॉल को सील करने साथ ही उन्‍हें तोड़ने का नोटिस निगम प्रशासन की ओर से जारी किया जा रहा है. इसके लिए 27 फरवरी तक का समय लॉज, हॉस्टल और बैंक्वेट हॉल के संचालकों को दिया गया है. निगम के इसी आदेश के खिलाफ रांची के उपमहापौर संजीव विजयवर्गीय ने आपत्ति जाहिर जताई है.

डिप्‍टी मेयर ने कहा कि आए दिन नगर निगम के अधिकारी रांची की जनता को परेशान करने वाला फरमान जारी कर देते हैं. उन्हें उजाड़ने का संदेश दिया जाता है, जिससे जनता खुद को बेबस महसूस कर रही है. पिछले दिनों लॉज, हॉस्टल और बैंक्वेट हॉल को लेकर भी यह बात सामने आई है. उन्‍होंने कहा कि अधिकांश लॉज, हॉस्टल और बैंक्वेट हॉल के संचालक पहले से ही रजिस्ट्रेशन कराने के लिए परेशान हैं, लेकिन रांची नगर निगम में आने से पता चलता है कि नियमावली में जो उल्लेख है उसके तहत उनका रजिस्ट्रेशन संभव नहीं है.



जटिल नियम से परेशानी
मौजूदा नियमों का हवाला देते हुए संजीव विजयवर्गीय ने कहा कि इस हिसाब से संचालक अप्लाई नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि लगातार तीन से चार वर्षो से बोर्ड की बैठक में नियमावली संशोधन का प्रस्ताव पारित हो रहा है, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है. डिप्‍टी मेयर ने बताया कि इसीलिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर इस पूरे मामले से अवगत कराया है, जिससे कि वर्तमान नियमावली में संशोधन कराने की मांग की है, ताकि सालों से रह रहे लोगों को राहत मिल सके.

जब हो रहे थे अवैध निर्माण तब कहां थे अधिकारी
इसके साथ ही उन्होंने शहर में चल रहे अतिक्रमण अभियान को लेकर भी निगम के अधिकारियों और जिला प्रशासन के पदाधिकारियों को फटकार लगाई है. उन्होंने कहा कि जब बगैर नक्शे के अवैध निर्माण हो रहे थे, तब शहर के सौंदर्यीकरण करने का बोझ अपने कंधो पर उठाए पदादिकारी और अधिकारी कहां थे, तब लोगो को अवैध निर्माण से क्यों नही रोका गया. वहीं उन्होंने कहा कि जो भी लोग सालों से बस गए हैं उनके आशियाने को उजाड़ा न जाए. बल्कि उसे नियमित करने का उपाय सोचा जाए.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज