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सीएम हेमंत के ऐलान के बावजूद झारखंड में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं, बेरोजगारों को करना होगा और इंतजार

झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों में हजारों पद खाली पड़े हुए हैं. (फाइल फोटो)
झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों में हजारों पद खाली पड़े हुए हैं. (फाइल फोटो)

राज्य सरकार की पहली वर्षगांठ के मौके पर गत 29 दिसम्बर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने जनवरी 2021 के पहले सप्ताह से राज्य में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया था.

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रांची. झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) की घोषणा का असर विभागीय अधिकारियों पर नहीं पड़ रहा है. राज्य सरकार की पहली वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जनवरी के पहले सप्ताह से नियुक्ति प्रक्रिया की शुरुआत का ऐलान किया था, पर अब तक राज्य के कार्मिक विभाग में विभागवार रिक्त पदों (Vacancy) के आकलन का कार्य ही चल रहा है. मतलब झारखंड के बेरोजगार नौजवानों को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा.

राज्य में हर बार की तरह इस बार भी नियुक्ति प्रक्रिया की फाइल समय से विलंब चल रही है. कार्मिक विभाग के आदेश के बावजूद विभागवार रिक्त पदों के आकलन का कार्य अब तक पूरा नहीं किया जा सका है. झारखंड में ऐसी स्थिति तब है जब खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जनवरी 2021 के पहले सप्ताह में नियुक्ति प्रक्रिया की शुरुआत करने का ऐलान किया था.





झारखंड में विभागवार रिक्त पद

प्राथमिक शिक्षा में - 22 हजार 728 पद खाली
माध्यमिक शिक्षा में - 16 हजार 680 पद

उच्च शिक्षा (विश्वविद्यालयों) में - 2 हजार 30 पद

कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय में 1 हजार 336 पद

कृषि विभाग में- 6 हजार 979 पद

श्रम नियोजन के अराजपत्रित में - 1 हजार 527 पद

ग्रामीण विकास के पंचायत सचिव के 2 हजार 379 पद

वनरक्षी के 1 हजार 877

वनपाल के 828

आदेशपाल के 454 पद रिक्त हैं



हर साल 5 लाख रोजगार देने का किया था वादा

झारखंड में बेरोजगारों की बढ़ रही फ़ौज के मद्देनजर 2019 के विधानसभा चुनाव में रोजगार एक बड़ा चुनावी मुद्दा रहा. चुनावी घोषणा पत्र में हेमंत सोरेन की अगुवाई वाले गठबंधन ने हर साल 5 लाख बेरोजगारों को रोजगार देने का वायदा किया था. सरकार गठन के 13 माह बाद जब रोजगार की गाड़ी नहीं बढ़ पा रही है तब सत्ताधारी दल के अपने तर्क हैं.

रोजगार देने के बदले छीन रही सरकार- बीजेपी 

राज्य की मुख्य विपक्षी दल बीजेपी इस मुद्दे पर काफी मुखर दिख रही है. बीजेपी के अनुसार वर्तमान हेमंत सोरेन की सरकार में रोजगार देने के बजाय रोजगार छिनने का काम तेजी से चल रहा है. रांची के मोरहाबादी मैदान से लेकर बिरसा चौक तक अनुबंध पर कार्यरत कर्मी रोजगार की गुहार लगाते देखे जा सकते हैं.

कोरोनाकाल में 8 लाख मजदूर लौटे झारखंड 

झारखंड से हर साल बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिये दूसरे प्रदेशों में पलायन को मजबूर होते हैं. इसको कोरोना काल के दौरान 8 लाख के करीब लोगों की घर वापसी से भी समझा जा सकता है. बावजूद इसके राज्य में हजारों की संख्या में अगर रिक्त पद पड़े रहेंगे, तो राज्य की मौजूदा सरकार पर सवाल उठना जायज है.
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