सावन में इस बार बाबा बैद्यनाथ पर जल नहीं चढ़ा पाएंगे भक्त, सिर्फ वर्चुअल दर्शन का मिलेगा मौका
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सावन में इस बार बाबा बैद्यनाथ पर जल नहीं चढ़ा पाएंगे भक्त, सिर्फ वर्चुअल दर्शन का मिलेगा मौका
झारखंड हाईकोर्ट ने सावन में बाबा बैद्यनाथ के वर्चुअल दर्शन की व्यवस्था करने का आदेश दिया है.

मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने बीजेपी सांसद की याचिका पर सुनवाई करते हुए वैष्णो देवी की तर्ज पर बाबा बैद्यनाथ (Baba Baidyanath) का वर्चुअल दर्शन (Virtual Darshan) का आदेश दिया है.

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रांची. कोरोना संक्रमण (Corona Infection) के कारण इस बार भक्त सावन में बाबा बैद्यनाथ (Baba Baidyanath) का वर्चुअल दर्शन ही कर पायेंगे. झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High court) ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए यह आदेश जारी किया है. कोर्ट ने इसके लिए राज्य सरकार को समुचित व्यवस्था करने को कहा है. जिससे श्रद्धालुओं को देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ का ऑनलाइन दर्शन हो सके.

मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने बीजेपी सांसद की याचिका पर सुनवाई करते हुए वैष्णो देवी के तर्ज पर बाबा बैद्यनाथ का वर्चुअल दर्शन का आदेश दिया है.

बीजेपी सांसद ने दायर की थी याचिका 



गौरतलब है कि बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने जनहित याचिका दायर कर सावन में देवघर मंदिर के पट खोलने और श्रावणी मेला का आयोजन को लेकर सरकार को आदेश देने का आग्रह किया था. लेकिन न्यायालय के आदेश के बाद अब साफ हो गया है कि इस बार सावन में श्रद्धालु बाबा मंदिर जाकर जलार्पण नहीं कर पाएंगे. वे सिर्फ वर्चुअल दर्शन ही कर पायेंगे.
जेएमएम ने कोर्ट के फैसले का किया स्वागत 

जेएमएम ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने श्रावणी मेला का आयोजन नहीं करने का फैसला कोरोना संक्रमण को देखते लिया था. जेएमएम विधायक मथुरा महतो ने कहा कि बीजेपी सांसद प्रदेश में होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन न्यायालय ने सरकार के फैसले को सही ठहराया है. क्योंकि कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर ना सिर्फ प्रदेश बल्कि केंद्र सरकार के भी स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी तरह का ऐसा आयोजन ना हो, जिससे इस महामारी का प्रसार हो.

बीजेपी का सरकार पर निशाना 

प्रदेश बीजेपी उपाध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि पार्टी कोर्ट के फैसले का स्वागत करती है. लेकिन राज्य सरकार कोर्ट के फैसले से पहले ही अपना निर्णय सुना चुकी थी. लिहाजा साफ है कि मेले के प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार ने पहले ही अपने हाथ खड़े कर दिए थे.

 

बता दें कि दो दिन पहले ही झारखंड सरकार ने ये साफ कर दिया था कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार देवघर में श्रावणी मेले का आयोजन नहीं होगा. इससे देशभर के लाखों में श्रद्धालुओं में निराशा देखी गई. सावन में देवघर में हर साल एक महीने का श्रावणी मेला लगता है. इस दौरान देश-विदेश के लाखों भक्त देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ पर जल चढ़ाते हैं. इसे कांवर यात्रा भी कहते हैं.

 
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