Home /News /jharkhand /

गोड्डा खदान हादसा मामले में हाईकोर्ट का निर्देश, 8 मार्च तक सीलबंद जांच रिपोर्ट दें डीजीएमएस

गोड्डा खदान हादसा मामले में हाईकोर्ट का निर्देश, 8 मार्च तक सीलबंद जांच रिपोर्ट दें डीजीएमएस

गोड्डा जिला के ललमटिया में हुए खान हादसा मामले को झारखंड हाईकोर्ट ने लापरवाही और सुरक्षा में चूक का मामला करार दिया.  हाईकोर्ट के एसीजे प्रदीप कुमार मोहंत और आनंद सेन के कोर्ट में मंगलवार को मामले पर सुनवाई हुई.

गोड्डा जिला के ललमटिया में हुए खान हादसा मामले को झारखंड हाईकोर्ट ने लापरवाही और सुरक्षा में चूक का मामला करार दिया. हाईकोर्ट के एसीजे प्रदीप कुमार मोहंत और आनंद सेन के कोर्ट में मंगलवार को मामले पर सुनवाई हुई.

गोड्डा जिला के ललमटिया में हुए खान हादसा मामले को झारखंड हाईकोर्ट ने लापरवाही और सुरक्षा में चूक का मामला करार दिया. हाईकोर्ट के एसीजे प्रदीप कुमार मोहंत और आनंद सेन के कोर्ट में मंगलवार को मामले पर सुनवाई हुई.

    गोड्डा जिला के ललमटिया में हुए खान हादसा मामले को झारखंड हाईकोर्ट ने लापरवाही और सुरक्षा में चूक का मामला करार दिया.  हाईकोर्ट के एसीजे प्रदीप कुमार मोहंत और आनंद सेन के कोर्ट में मंगलवार को मामले पर सुनवाई हुई.

    डायरेक्टर जेनरल माइंस सेफ्टी यानि  डीजीएमएस को कोर्ट ने  दो माह में जांच पूरा करने का आदेश दिया है. 6 मार्च तक कोर्ट में जांच रिपोर्ट को सौंपने का आदेश दिया है.  मामले की अगली सुनवाई 8 मार्च को तय की गई है. प्रार्थी मो सरफराज ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर मामले की जांच की मांग है. प्रार्थी की ओर से कोर्ट में प्रति शपथ पत्र दायर किया गया है.

    डीजीएमएस की ओर से पहले से दिए गए बयान को दोहराया गया. बताया गया कि 35 कर्मी थे जिसमें से चार रेस्ट पर चले गए थे.  23 कर्मी खदान में थे. हादसे के बाद 18 शव बरामद किए गए. पांच कर्मी लापता हैं.

    दूसरी ओर प्रार्थी मो सरफराज की ओर से बताया गया कि ई रजिस्टर के आधार पर 47 कर्मी थे और मरने वाले मजदूरों की संख्या दर्जनों में है. प्रार्थी ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर खदान में कोयला निकालने का आरोप लगाया है.

     

     

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर