डीजीपी ने कहा- माओवाद का लबादा ओढ़ संपत्ति जमा की जा रही

Manoj Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: October 13, 2017, 1:21 PM IST
डीजीपी ने कहा- माओवाद का लबादा ओढ़ संपत्ति जमा की जा रही
डीके पांडेय डीजीपी, झारखंड
Manoj Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: October 13, 2017, 1:21 PM IST
सशस्त्र क्रांति के माध्यम से व्यवस्था परिवर्तन की बात करने वाले माओवादी अपने सिद्धांतो से भटक गए प्रतित होते हैं. झारखंड के पूर्व विधायक रमेश सिंह मुंडा हत्या कांड में एनआईए के खुलासे के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या माओवाद की बातें केवल किताबों में सिमट कर रह गई हैं.

हालांकि पहले भी माओवादियों पर सिद्धांत से भटकने का आरोप लगता रहा है. लेकिन जिस तरह से एनआईए ने पूर्व विधायक रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड में माओवादियों द्वारा सुपारी ले कर हत्या किए जाने का खुलासा किया है, उसके इस बात को बल मिलने लगा है कि नक्सली अब जन मुद्दों को लेकर नहीं बल्कि क्रिमिनल गैंग की तरह काम करने लगे हैं.

डीआईजी अमोल वी होमकर की मानें तो केवल रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड नहीं बल्कि कई अन्य मामलों में भी इस तरह की बातें सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि माओवादी अब एक क्रिमिनल गैंग के रूप में काम करते हुए पैसों की उगाही कर रहे हैं. पुलिस ने उनके असली चेहरे को उजागर कर दिया है. हाल के दिनों में ऐसे कई उदाहरण मिले हैं जहां उनका इस्तेमाल एक कांट्रेक्ट किलर के रूप में किया गया है.

उन्होंने कहा कि माओवाद से पीड़ित क्षेत्र के लोग और वहां के जनप्रतिनिधि पुलिस के साथ हैं. अब माओवादियों के साथ लड़ाई अंतिम दौर में है. पुलिस उनकी गतिविधियों को काफी हद तक नियंत्रित करने में सफल भी हुई है.

दूसरी ओर राज्य पुलिस के मुखिया डीजीपी डीके पांडेय का का कहना है कि नक्सली केवल सिद्धांतों से भटके ही नहीं हैं बल्कि अब वे माओवाद और नक्सलवाद का लबादा ओढ़ कर अकूत अवैध संपत्ति अर्जित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि माओवादियों का कोई सिद्धांत नहीं रहा. अब उनका काम है बंदूक लेकर के घुमना और रंगदारी से पैसे उगाहना. फिर इन पैसों से वे जमीन खरीद रहे हैं, घर बनवा रहे हैं, मार्केट में निवेश कर रहे हैं और अपने बच्चों को विदेश भेज रहे हैं.
First published: October 13, 2017
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