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झारखंड: ट्रांसफर-पोस्टिंग पर CM हेमंत सोरेन के परिवार में तकरार!

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (फाइल फोटो)

झारखंड में हेमंत सरकार (Hemant Government) को बने लगभग 14 महीने का वक्त बीत गया है. इन 14 महीनों में राज्य में तबादले के आंकड़ों को देखें, तो लगभग 1500 से ज्यादा अधिकारियों के तबादले हो चुके हैं.

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रांची. झारखंड में हाल के दिनों में सरकारी अधिकारियों के ताबडतोड़ तबादले (Transfer) हो रहे हैं. किसी भी महकमा में कोई भी हो काम से ज्यादा अधिकारी अपनी मनचाही जगह की कुर्सी पाने में वक्त लगा रहे हैं. इसके लिए राज्य में सत्ता के केंद्र मानने वाले स्वयंभू के दरबार में परिक्रमा लगाते देखे जा सकते हैं. राज्य की हेमंत सोरेन की सरकार (Hemant Government) को बने लगभग 14 महीने का वक्त हो गया है. इन 14 महीनों में राज्य में तबादले के आंकडों को देखें तो लगभग 1500 से ज्यादा सरकारी अधिकारियों के तबादले हो चुके हैं. इन तबादलों में सत्ता का हर केंद्र चाहता है कि उसके कोटे के ज्यादा से ज्यादा अधिकारी मनचाही मलाईदार  जगह पर जाए.


तबादले पर तीन खेमों में बंटा सीएम का परिवार!

तबादला और वो भी मनचाही जगह पर, हेमंत सोरेन के परिवार में तकरार पैदा कर दिया है. सोरेन परिवार इन दिनों तीन खेमों में बंटा हुआ है. हर खेमा तबादलों में अपनी हिस्सेदारी चाह रहा है. सूत्र बताते हैं कि सोरेन परिवार का एक मजबूत खेमा को हाल के दिनों में उनके कोटे के अधिकारियों के नाम मनचाही जगह पर नहीं मिलने से इतना नाराज हुआ कि 26 जनवरी 2021 की रात को दुमका के खिजुरिया में मुख्यमंत्री के सबसे भरोसेमंद सिपहसलाहकार के साथ हाथापाई तक हो गयी.


तबादलों पर सोरेन परिवार में रार थमने का नाम यहीं नहीं रुका. सूत्र बताते हैं कि 25 फरवरी को जब राज्य सरकार 161 अंचल अधिकारियों का ट्रांसफर करने वाली थी तो सोरेन परिवार के दूसरे खेमे को जब पता चला कि उसके कोटे के अधिकारियों के नाम इस लिस्ट में मनचाही जगह पर नहीं जोड़े गये हैं तो एक बार फिर इस खेमे के मुखिया ने सबसे ताकतवर खेमे के सबसे भरोसेमंद सिपहसलाहकार की गिरेबान पकड ली. मामले को वहां मौजूद लोगों ने बीच बचाव कर संभाला.






परिवार के सूत्र बताते हैं कि इस घटना के बाद दूसरे खेमे के कोटे से कुछ अधिकारियों को उसकी मनचाही जगह दी गयी. वंही तीसरे खेमे की बात करें तो पहला खेमा उसे अपने साथ रखने की भरपूर कोशिश कर रहा है ताकि परिवार के दूसरा खेमा पर मनोवैज्ञानिक दबाब बरकरार रखा जा सके.

'हर तबादले की कीमत तय है'

झारखंड में हमेशा से ही तबादला उधोग को लेकर राजनीति होती रहती है. विपक्षी दल राज्य की वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार पर भी तबादला उद्योग चलाने का आरोप लग रहा है. राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी का आरोप है कि वर्तमान सरकार ने कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक के लिए एक निश्चित  रेट तय कर रखा है. पूर्व मुख्यमंत्री बाबुलाल मारांडी का कहना है, 'ट्रांसफर पोस्टिंग में अगर कोई अधिकारी पूरे पैसे नही दे पाता है तो उसके लिए सरकार प्रत्येक महीने की रकम तक तय कर रखी है.  सरकार ने उद्योग धंधे को खोलने के बजाय ट्रांसफर पोस्टिंग को ही उद्योग बना दिया है.' सचिव स्तर के बड़े अधिकारी से लेकर DC- SP का बार- बार तबादला होना इसे प्रमाणित भी करता है. राजनीतिक आरोप- प्रत्यारोप के बीच ये जान लेना जरुरी है कि आखिर राज्य में तबादले की हकीकत क्या है.


कब-किस विभाग में हुए तबादले 

#17 जनवरी 2020 को 09 IAS अधिकारियों का तबादला- इसमें IAS  सुखदेव सिंह, अरुण कुमार सिंह, सुनील कुमार, अमिताभ कौशल, प्रवीण टोप्पो, प्रशांत कुमार, के रवि कुमार, विनोद कुमार, भोर सिंह यादव शामिल

#29 जनवरी को मंत्रिमंडल के सदस्यों के विभाग आवंटन की अधिसूचना

#12  फरवरी 2020 को दो IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारी- राहुल कुमार पुरवार बने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सह सचिव मंत्रिमंडल (निर्वाचन) विभाग और विनय कुमार चौबे को कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग

#13 मार्च 2020 को झारखंड प्रशासनिक सेवा के 35 पदाधिकारियों का तबादला

#20 अप्रैल 2020 को झारखंड प्रशासनिक सेवा के 05 पदाधिकारियों का तबादला

#28 अप्रैल 2020 को 35  IPS का तबादला- अखिलेश कुमार झा, अमोल होमकर, राज कुमार लकड़ा, कुलदीप द्विवेदी, पंकज कम्बोज, शैलेन्द्र कुमार सिन्हा सहित 35 नाम शामिल

#11 मई 2020 को पथ निर्माण विभाग के चार पदाधिकारियों तबादला

#14 मई 2020 को 11  IAS  का तबादला- इसमें केके खंडेलवाल, एपी सिंह, अविनाश कुमार, हिमानी पांडेय, आराधना पटनायक, राहुल शर्मा, विनय कुमार चौबे, पूजा सिंघल, प्रशांत कुमार, भोर सिंह यादव मुख्य रूप से शामिल

#11 जून 2020 को IPS सुमन गुप्ता और नौशाद आलम अंसारी का तबादला

#11 जून को 4 DSP तबादला

# 17 जून 2020 को 13 DSP का तबादला

#02 जुलाई 2020 को 04 IPS का तबादला

#14 जुलाई 2020 को 18 IAS तबादला एवं पदस्थापन- इसमें IAS मनीष रंजन, राजेश कुमार शर्मा, छवि रंजन, सूरज कुमार, शशि रंजन, भोर सिंह यादव सहित 18 नाम शामिल

#15 जुलाई 2020 को 31 स्वास्थ्य पदाधिकारियों का तबादला एवं पदस्थापन

#20 जुलाई 2020 को 16 IAS का तबादला एवं पदस्थापन

#22 जुलाई 2020 को झारखंड प्रशासनिक सेवा के 20 पदाधिकारियों का तबादला

#23 जुलाई 2020 को उत्पाद विभाग में 19 पदाधिकारियों का तबादला

#24 जुलाई 2020 को 10 IAS  अधिकारियों का तबादला- इसमें चंद्र मोहन कश्यप, राजीव रंजन, नेहा अरोड़ा, आदित्य रंजन, अंजली यादव सहित 10 नाम शामिल

#28 जुलाई 2020 को झारखंड प्रशासनिक सेवा के 32 पदाधिकारियों का तबादला

#28  जुलाई 2020 को 8 जिला एवं अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी का तबादला

#30 जुलाई 2020 को 16 जिला परिवहन पदाधिकारी का तबादला

#31 जुलाई 2020 को वाणिज्य कर विभाग के 59 अधिकारीयों का तबादला

#31जुलाई 2020 को 90 BDO का तबादला

#7 अगस्त 2020 को 05 IAS  अधिकारीयों का तबादला

#7 अगस्त 2020 को 2 IPS नरेंद्र कुमार सिंह और सुदर्शन कुमार मंडल का तबादला

#18 अगस्त 2020 को IAS  कृपा नन्द झा और जितेन्द्र कुमार सिंह का तबादला

#18 अगस्त  2020 को वन , पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के 30 अधिकारीयों का तबादला

#28 अगस्त 2020 को 6 IAS  अधिकारीयों का तबादला     इसमें इक़बाल अंसारी , राजेश सिंह , कालेश्वर प्रसाद सिंह , हर्ष मंगला , छवि रंजन और सूरज कुमार शामिल

#28 अगस्त 2020 को झारखंड प्रशासनिक सेवा के 43 पदाधिकारियों का तबादला

#4 सितंबर 2020 को झारखंड प्रशासनिक सेवा के 20 पदाधिकारियों का तबादला

#4 सितंबर 2020 को 7 अनुमंडल पदाधिकारियों का तबादला

#4 सितंबर 2020 को 4 IAS अधिकारी अविनाश कुमार , सुनील कुमार , पूजा सिंघल , प्रवीण कुमार टोप्पो का तबादला

# 7 सितंबर 2020 को 05 झारखंड प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों का तबादला

#10 सितंबर 2020 को 08 झारखंड प्रशासनिक सेवा के पदाधिकरियों का तबादला

# 11 सितंबर 2020 को 08 IAS अधिकारीयों का तबादला

#12 सितंबर 2020 को 11  IPS का तबादला- इसमें अजय लिंडा, दीपक कुमार सिन्हा, शम्स तबरेज, इंद्रजीत महथा सहित 11 नाम शामिल

#22 सितंबर 2020 को झारखंड प्रशासनिक सेवा के 26 पदाधिकारियों का तबादला

#25 सितंबर 2020 को 03 IAS अधिकारी का तबादला

#1 अक्टूबर को झारखंड प्रशासनिक सेवा 04 पदाधिकारियों का तबादला

#17 नवंबर 2020 को IAS मंजूनाथ भजन्त्री बने देवघर के DC, कमलेश प्रसाद सिंह को कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा में योगदान

#17 नवंबर 2020 को 16  झारखण्ड प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों का तबादला एवं पदस्थापन

#14 दिसंबर 2020 को 17 जिला आपूर्ति पदाधिकारी का पदस्थापन

#15 दिसंबर 2020 को 08 IAS अधिकारियों का तबादला

#31 दिसंबर 2020 को 03 IAS अधिकारी का तबादला

#22 जनवरी 2021 को 03 IAS एल खियांगते, नितिन मदन कुलकर्णी और केके सोन का तबादला

#27 जनवरी 2021 को 29 जिला समाज कल्याण पदाधिकारी का पदस्थापन

 #28 जनवरी 2021 को 06 झारखंड प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों का तबादला, गोपाल जी तिवारी भी शामिल

#04 फरवरी 2021 को 02 IAS का तबादला- वंदना दादेल को वन पर्यावरण एवं जलवायु परवर्तन विभाग का अतिरिक्त प्रभार

#19 फ़रवरी 2021 को 02 IAS का तबादला- प्रमंडलीय आयुक्त बनाये गए

#19 फरवरी 2021 को झारखंड प्रशासनिक सेवा के 13 पदाधिकारियों का तबादला और पदस्थापन

#23 फरवरी 2021 को राज्य के 63 DSP का तबादला

इसके अलावे एक दिन में एक अधिकारी का तबादला का आंकड़ा भी 25 के पार है.

(नोट - ऊपर जो आकड़े दिए गए है वो करीब 815 के आस-पास हैं. इसमें जिला स्तर पर होने वाले तबादले शामिल नहीं हैं.)


औसतन हर महीने 100 से ज्यादा ट्रांसफर-पोस्टिंग

सभी छोटे-बड़े ट्रांसफर को जोड़ लिया जाय तो ये आंकडा लगभग 1500 के पार जाता है. औसतन सरकार हर महीने 100 से ज्यादा ट्रांसफर पोस्टिंग कर रही है. सवाल उठता है कि आखिर सरकार इतनी बडी संख्या में क्यों तबादले कर रही है. पिछले 14 महीनों में ऐसा एक दिन भी नही रहा होगा जब सरकार ने राज्य का खजाना खाली होने की बात नहीं कही होगी. ऐसे में ताबड़तोड़ इन अधिकारियों के ताबदलों से खजाने पर भी असर पडेगा.


अनुमान के मुताबिक राज्य प्रशासन के अधिकारियों के ट्रांसफर पर लगभग 50 हजार और भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों के एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर पर लगभग 2.50 लाख का खर्च आता है. इस तरह लगभग 7 करोड़  राज्य प्रशासनिक अधिकारियों के ट्रांसफऱ से तो 3 करोड़ के आसपास भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों के ट्रांसफऱ से खजाने पर बोझ पड़ा. बहरहाल इन आंकड़ों से साफ है राज्य में ट्रांसफर-पोस्टिंग सामान्य नहीं है. एक तरफ सरकार की छवि खराब हो रही है तो दूसरी तरफ परिवार में तकरार चरम पर है. ऐसे में सीएम हेमंत सोरेन की जिम्मेदारी साख बचाने की है तो दूसरी तरफ परिवार संभालने की.

(डिस्क्लेमरः ये लेखक के निजी विचार हैं)
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