रांची: रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल वापसी पर दो गुटों में बंटे डॉक्टर

झारखंड में रिम्स समेत कई अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल को लेकर दो गुटों में बंट गये हैं.

झारखंड में रिम्स समेत कई अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल को लेकर दो गुटों में बंट गये हैं.

झारखंड की राजधानी रांची के RIMS समेत राज्य के 6 मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल वापसी पर दो गुटों में बंट गये हैं. रिम्स को छोड़कर बाकी पांच मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों ने ओपीडी के बहिष्कार पर बने रहने की घोषणा की है. बाकी कल निर्णय करेंगे.

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  • Last Updated: March 10, 2021, 10:06 PM IST
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रांची. झारखंड (Jharkhand) की राजधानी रांची के RIMS समेत राज्य के सभी 6 मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टरों (Doctors) की हड़ताल वापसी पर अब डॉक्टर दो गुटों में बंट गये हैं. रिम्स को छोड़कर बाकी पांच मेडिकल कॉलेजों (Medical Collage) के डॉक्टरों ने ओपीडी बहिष्कार पर बने रहने की घोषणा की है. झारखंड(Jharkhand News) रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के संयोजक डॉ अजीत ने कहा कि कल सुबह स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता के बाद वह इस पर कोई फैसला करेंगे. वहीं पांच मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टर्स और रिम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों ने सचिव के साथ बैठक कर पहले ही राज्य में हड़ताल समाप्ति की घोषणा कर दी थी.

स्वास्थ्य सचिव के. सोन से वार्ता के बाद सातवें वेतनमान के बकाए की किस्तों के भुगतान करने के लिखित आश्वासन के बाद राज्य के 700 से ज्यादा रेजिडेंट और जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी बहिष्कार का कॉल वापस ले लिया है. नेपाल हाउस में स्वास्थ्य सचिव, रिम्स डायरेक्टर, एडिशनल डायरेक्टर, रिम्स अधीक्षक, झारखंड सरकार के साथ रिम्स जेडीए की उच्च स्तरीय वार्ता के बाद यह फैसला लिया गया. झारखंड सरकार से एरियर का आज अनुमोदन प्राप्त हो चुका है. इसी मार्च माह के बजट सत्र में फाइनेंस डिपार्टमेंट द्वारा पेपर का लंबित कार्य संपादित करके माह के अंत और अप्रैल माह तक एरियर भुगतान की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से कर दी जाएगी.

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क्यों हड़ताल पर थे रेजिडेंट डॉक्टर
आठ मार्च से रेजिडेंट डॉक्टर ने इस लिए हड़ताल पर थे क्योंकि वर्ष 2016 से 2019 तक के बीच का सातवें वेतनमान का लंबित राशि भुगतान नहीं कर रही थी. पहले 01 मार्च से 08 मार्च तक डॉक्टरों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया था फिर उसके बाद सचिव एवं रिम्स निदेशक के साथ वार्ता विफल होने के बाद डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे. डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से राज्यभर में चिकित्सा व्यवस्था ठप हो गई थी और हजारों की संख्या में मरीज बिना इलाज के बैरंग घर लौट गए थे.

तीन दिन में पांच हजार से ज्यादा मरीज ओपीडी से बैरंग लौटे

झारखंड के सभी छह मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ओपीडी बंद रहने की वजह से तीन दिनों में पांच हजार से ज्यादा मरीजों को बैरंग वापस लौटना पड़ा. रिम्स के न्यूरो, ऑर्थो, सर्जरी, कार्डियो सहित कई विभागों से बिना डॉक्टर को दिखाए लौटने वाले लोगों की संख्या जोड़ दें तो अकेले तीन हजार के करीब मरीज बैरंग लौटे हैं.
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