झारखंड में डॉक्टरों की हड़ताल से अस्पतालों में OPD ठप, बगैर इलाज कराए लौट रहे मरीज

झारखंड में रिम्स समेत 6 मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं.

झारखंड में रिम्स समेत 6 मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं.

झारखंड की राजधानी रांची के RIMS समेत राज्य के सभी 6 मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से मरीज हलकान. लगातार तीसरे दिन कार्य बहिष्कार आंदोलन के तहत बंद रही कई अस्पतालों की ओपीडी.

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रांची. सातवें वेतनमान के अनुसार वर्ष 2016 से 2019 तक के लंबित एरियर की मांग को लेकर राज्यभर के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी है. ओपीडी बहिष्कार के चलते इलाज कराने आने वाले मरीजों को कोई देख नहीं रहा. सीनियर डॉक्टर के भरोसे ओपीडी चलाने की रिम्स की कोशिश भी फेल साबित हो रही है. यही वजह है कि मरीजों को बिना इलाज कराए बैरंग लौटना पड़ रहा है.

राजधानी रांची के रिम्स सहित राज्य के सभी 6 मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटलों के रेजिडेंट डॉक्टर्स आज तीसरे दिन भी कार्य बहिष्कार पर हैं. इस हड़ताल को जूनियर डॉक्टरों का साथ मिल जाने से मरीजों की दिक्कत बढ़ गई है. हाल यह है कि इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बैरंग लौटना पड़ रहा है. परेशान मरीजों ने न्यूज़18 को बताया कि पर्चा काटते वक्त भी नहीं बताया जा रहा है कि ओपीडी बंद है और सिर्फ इधर-उधर दौड़ाया जा रहा है.

हजारीबाग से इलाज के लिए रिम्स आए मो. तालिब, विजय विश्वकर्मा हों या गिरिडीह से आए हेमराज महतो, जो ब्रेन की समस्या लेकर रिम्स आए हैं, उसे डॉक्टर ने इमरजेंसी का मामला नहीं मानते हुए हड़ताल के बाद आने को कह दिया. इनके जैसे सैकड़ों मरीज हैं जो बिना इलाज कराए अस्पताल से लौट गए. विजय विश्वकर्मा नाराजगी भरे शब्दों में news18 से कहते हैं कि जब इलाज नहीं करना था, तब पर्चा क्यों काटा, वहीं बता देते कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं.

वैकल्पिक व्यवस्था अपर्याप्त
रिम्स के शिशु रोग ओपीडी में अकेले बैठे विभागाध्यक्ष डॉ एके चौधरी ने कहा कि स्थिति से निपटने और मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए रिम्स प्रबंधन ने सभी सीनियर डॉक्टरों को ओपीडी में बैठने और मरीज देखने का निर्देश दिया है. मगर जूनियर डॉक्टरों ने कई ओपीडी बंद करा दी, तो कई में अकेले विभागाध्यक्ष ही बैठे हैं. वह भी मानते हैं कि 98% ओपीडी सेवाएं बाधित हैं, क्योंकि रेजिडेंट और जूनियर डॉक्टर ही रिम्स या किसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के रीढ़ होते हैं.

मांग पूरी होने तक हड़ताल-JDA

रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से बीमार जनता परेशान है, तो रिम्स जूनियर डॉक्टर एसो. यानी JDA और रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन इसके लिए सरकार को जिम्मेवार ठहरा रही है. ओपीडी में डॉक्टर्स की मौजूदगी की बात करते हुए जेडीए रिम्स के उपाध्यक्ष डॉ. मृणाल ने कहा कि वह मजबूर होकर हड़ताल पर गए हैं. अब भी अगर मांग पूरी नहीं हुई तो हड़ताल जारी रहेगी.
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