झारखंड में डॉक्टरों की हड़ताल, बिना इलाज के लौटे 1200 मरीज, कल भी बंद रहेगी RIMS की ओपीडी

बुधवार को डॉक्टरों की हड़ताल जारी रहेगी.

बुधवार को डॉक्टरों की हड़ताल जारी रहेगी.

Ranchi News, झारखंड में बुधवार को भी  रेजिडेंट और जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल (Doctor's Strike) जारी रहने वाली है. इस दौरान ओपीडी पूरी तरह से बंद रहेगी. 

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रांची. झारखंड में लंबित एरियल भुगतान की मांग को लेकर राज्य के सभी 6 मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की ओपीडी (OPD) मंगलवार को पूरी तरह बंद रही. रेजिडेंट और जूनियर डॉक्टरों (Doctor's Strike) के ओपीडी बहिष्कार का व्यापक असर राज्य भर में दिखा. रिम्स (RIMS) सहित सभी मेडिकल कॉलेजों के ओपीडी में इलाज कराने आने वाले मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा. साल 2016 से 2019 तक सातवें वेतनमान की लंबित राशि अभी तक रेजिडेंट डॉक्टरों को नहीं मिली है. रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि राशि भुगतान की मांग को लेकर राज्य के छह मेडिकल कॉलेज अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स के साथ सरकार नाइंसाफी कर रही है.

कहां-कहां के रेजिडेंट डॉक्टर्स रहे कार्य बहिष्कार पर

7वें वेतनमान के अनुसार लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर रिम्स, एमजीएम, जमशेदपुर, पीएमसीएच धनबाद, पलामू, हजारीबाग और दुमका मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर सोमवार की सुबह से ही हड़ताल पर रहे. इस वजह से स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई. रिम्स में तो 12 सौ से ज्यादा मरीज को बैरंग वापस लौटना पड़ा जबकि कुछ लोगों का इलाज रिम्स इमरजेंसी में हो सका.

कल भी बंद रहेंगे सभी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ओपीडी
रिम्स JDA के सचिव डॉ. अनितेश गुप्ता और अध्यक्ष डॉ. विकास सिंह ने प्रेस रिलीज जारी कर कल यानी बुधवार को भी ओपीडी बहिष्कार करने की जानकारी दी. तो वहीं झारखंड रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के संयोजक डॉ. अजीत कुमार ने राज्य भर के ओपीडी बंद रखने के फैसले को जारी रखने की जानकारी दी तथा सरकार और स्वास्थ्य विभाग के रुख को दुखद बताया.

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क्या है हड़ताली डॉक्टरों को डर



अपनी मांग पर अड़े रेजिडेंट डॉक्टरों ने OPD सेवाएं बंद कर दी है. रेसिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन का रिम्स में नेतृत्व कर रहे डॉ.चंद्रभूषण ने बताया कि हो सकता है कि  सरकार एक साल पूरा भुगतान एक बार में नहीं कर सकती हो. पर  इसकी शुरुआत तो कर ही सकती है. किश्तों में बकाया राशि का भुगतान किया जाए. उन्होंने बताया कि PG में पढ़ाई करने वाले छात्रों का 1.5 लाख से 3 लाख रुपए तक का बकाया है लेकिन सरकार इस दिशा में नहीं सोच रही है. उन्होंने बताया कि छात्रों को डर है कि PG पास कर लेने के बाद सरकार उनका पैसा नहीं देगी. इस बाबत मजबूर होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है.
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