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Good News: रांची में 55 साल से मात्र 5 रुपये फीस लेकर मरीजों को ठीक कर रहे गरीबों के 'भगवान'

Good News: रांची में 55 साल से मात्र 5 रुपये फीस लेकर मरीजों को ठीक कर रहे गरीबों के 'भगवान'

बढ़ती उम्र के बावजूद डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी नियमित रूप से हर दिन शाम को दो से तीन घंटे गरीब मरीजों को देखते हैं

बढ़ती उम्र के बावजूद डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी नियमित रूप से हर दिन शाम को दो से तीन घंटे गरीब मरीजों को देखते हैं

Jharkhand News: उम्रदराज हो चुके डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अभी भी नियमित रूप से दो-तीन घंटे गरीब मरीजों के ईलाज के लिए देते हैं. दवा कंपनियों से मिले मुफ्त दवाओं को वो जरुरतमंदों में बांट देते हैं. इसके अलावा, वो उनके यहां आये हुए किसी मरीज को वापस नहीं लौटाते

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    रांची. आज के इस दौर में कमरतोड़ महंगाई में पांच रुपये की क्या अहमियत है, यह बताने और कहने की जरूरत नहीं. लेकिन झारखंड की राजधानी रांची (Ranchi) में एक शख्स बीते 55 वर्षों से पांच रुपये फीस लेकर अपना फर्ज निभाता चला आ रहा है. हम बात कर रहे हैं पद्मश्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (Dr. Shyama Prasad Mukherjee) की जो वर्ष 1966 से लेकर आज तक मात्र पांच रुपये की फीस (Five Rupee Fee) लेकर गरीब मरीजों (Poor Patients) का इलाज कर रहे हैं.

    रांची के राजेन्द्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (रिम्स) के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. मुखर्जी पिछले कई दशकों से रांची के लालपुर स्थित अपने पैथलैब में बैठते हैं. यहां से होने वाली कमाई के जरिये वो मरीजों को पांच रुपये की फीस में दवाएं देते हैं. इतना ही नहीं, वैसे मरीज जो यह मामूली फीस भी नहीं दे पाते उनका डॉ मुखर्जी मुफ्त में ईलाज करते हैं. उनके पास रांची के अलावा खूंटी, गुमला, बोकारो, सिमडेगा, पलामू, लातेहार, हजारीबाग सहित प्रदेश के अन्य जिलों से भी लोग उपचार के लिए आते हैं. अपनी इस सेवा भाव के कारण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मरीजों के मसीहा के नाम से जाने जाने लगे हैं. उनका कहना है कि मैंने यह सेवा किसी इच्छा के लिए नहीं की बल्कि मुझे गरीबों का इलाज कर संतोष मिलता है.

    पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी रांची स्थित अपने लालपुर पैथलैब से होने वाली कमाई के जरिये गरीब मरीजों का पांच रुपये फीस लेकर इलाज कर पाते हैं

    वो बताते हैं कि मैंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद मरीजों का इलाज करना शुरू किया था. मैं अब भी फीस के रूप में मरीजों से केवल पांच रुपये लेता हूं. उम्रदराज हो चुके डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अभी भी रोज दो-तीन घंटे गरीब मरीजों के ईलाज के लिए देते हैं. दवा कंपनियों से मिले मुफ्त दवाओं को वो जरुरतमंदों में बांट देते हैं. इसके अलावा, वो उनके यहां आये हुए किसी मरीज को वापस नहीं लौटाते.

    इस्पात मंत्रालय ने की डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की सेवा भावना की सराहना

    केंद्रीय इस्पात मंत्रालय ने गरीब मरीजों को स्वस्थ करने और समाज में उनके इस योगदान को देखते हुए उनकी तुलना इस्पात से की है. मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा, ‘पद्मश्री डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी 1966 से लेकर आज तक रांची में सिर्फ 5 रुपये की फ़ीस में ग़रीब मरीज़ों का इलाज कर रहे है। इस्पात मंत्रालय डॉ. मुख़र्जी के इस्पाती निर्णय को सलाम करता है.’

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अतुलनीय सेवा भावना को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2019 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया था.

    Tags: Doctor, Padma Shri, Ranchi news, RIMS

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