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DVC के अल्टीमेटम का दिखने लगा असर, झारखंड के इन जिलों में चार से आठ घंटे तक बिजली कटौती

DVC के अल्टीमेटम का दिखने लगा असर, झारखंड के इन जिलों में चार से आठ घंटे तक बिजली कटौती

झारखंड के कई जिलों में चार से आठ घंटे तक की बिजली कटौती की जा रही है. (फाइल फोटो)

झारखंड के कई जिलों में चार से आठ घंटे तक की बिजली कटौती की जा रही है. (फाइल फोटो)

Power Cut in Jharkhand: शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में बहुत अधिक बिजली कटौती हो रही है. चास, चंदनक्यारी, कसमार, पेटरवार, जरीडीह में 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल रही है. हालांकि, गिरिडीह में कटौती का बहुत अधिक असर नहीं दिखा. रामगढ़ में चार घंटे की लोड शेडिंग हुई है. हजारीबाग में सुबह के समय तीन घंटे बिजली कटौती की गई जबकि शाम के वक्त डेढ़ घंटे लोड शेडिंग हुई.

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    रांची. झारखंड में बिजली संकट गहरा गया है. कई जिलों में चार से आठ घंटे की विद्युत आपूर्ति में कटौती की जा रही है. डीवीसी ने झारखंड बिजली वितरण निगम (जेबीवीएनएल) को दिए अल्टीमेटम के अनुसार कमांड एरिया के जिलों में बिजली कटौती शुरू कर दी गई है. इससे राज्य के छह जिलों रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, धनबाद और गिरिडीह में बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है. धनबाद में शनिवार को किस्तों में अठ घंटे बिजली कटौती की गई. 120 की जगह 80 मेगावाट बिजली आपूर्ति होने से कई इलाकों में कई घंटे बिजली गुल रही. बोकारो के शहरी इलाकों में 15-16 घंटे बिजली मिली.

    वहीं, शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में बहुत अधिक बिजली कटौती हो रही है. चास, चंदनक्यारी, कसमार, पेटरवार, जरीडीह में 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल रही है. हालांकि, गिरिडीह में कटौती का बहुत अधिक असर नहीं दिखा. रामगढ़ में चार घंटे की लोड शेडिंग हुई है. हजारीबाग में सुबह के समय तीन घंटे बिजली कटौती की गई जबकि शाम के वक्त डेढ़ घंटे लोड शेडिंग हुई.

    बता दें कि इन इलाकों में चार से लेकर आठ घंटे तक की लोड शेडिंग हो रही है. ग्रिड सब-स्टेशन शुरू होने ले जेबीवीएनएल का कई हिस्सों में अपना नेटवर्क हो गया है. इसलिए डीवीसी की कटौती की मार कम पड़ रही है. धनबाद में गोविंदपुर ग्रिड, चतरा और हजारीबाग में इटखोरी ग्रिड जबकि गिरिडीह में सरिया जमुआ संचरन लाइन चार्ज होने से उपभोक्ताओं को जेबीवीएनएल के नेटवर्क से बिजली दी जा रही है.

    हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जेबीवीएनएल प्रबंधन त्योहारों के मौसम में कटौती को रोकने के लिय प्रयास कर रहा है. डीवीसी से करीब 600 मेगावाट बिजली खरीद कर जेबीवीएनएल आपूर्ति करता है. डीवीसी के अल्टीमेटम के अनुसार 31 अक्तूबर तक 2110 करोड़ जेबीवीएनएल पर बकाया है. कहा गया है कि समझौते की शर्तों के मुताबिक 50 प्रतिशत यानि 300 मेगावाट बिजली कटौती होती रहेगी.

    वहीं, जेबीवीएनएल प्रबंधन इस स्थिति से निपटने के लिये डीवीसी प्रबंधन से वार्ता करने में जुटा है. जेबीवीएनएल का कहना है कि कैबिनेट के फैसले के मुताबिक खरीदी गई 600 मेगावाट बिजली के बदले 100 करोड़ रुपये का भुगतान हर महीने किया जा रहा है. यह दो तिहाई बिजली की कीमत है. ऐसे में डीवीसी को कटौती करनी भी है तो वह एक तिहाई करीब 200 मेगावाट की करे.

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