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जुर्माने पर रांची नगर निगम और झारखंड चेंबर में जंग, कारोबारी बोले- किया जा रहा सॉफ्ट टारगेट

रांची नगर निगम ने मास्क नहीं पहनने वाले कारोबारियों पर 5 से 25 हजार रुपये के आर्थिक दंड का प्रावधान किया है
रांची नगर निगम ने मास्क नहीं पहनने वाले कारोबारियों पर 5 से 25 हजार रुपये के आर्थिक दंड का प्रावधान किया है

झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स (Jharkhand Chember Of Commerce) के अध्यक्ष कुणाल आजमानी ने रांची नगर निगम (Ranchi Municipal Corporation) पर आरोप लगाते हुए कहा कि निगम व्यवसायियों को सॉफ्ट टारगेट कर रहा है.

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रांची. कोरोना संक्रमण (Corona Infection) की रोकथाम को लेकर जारी किए गये रांची नगर निगम (Ranchi Municipal Corporation) के निर्देश का झारखंड चेंबर (Jharkhand Chember Of Commerce) खुलकर विरोध कर रहा है. चेंबर ने एसओपी के उल्लंघन पर लगाए गए आर्थिक दंड को व्यवहारिक बताया है.  वहीं निगम अपनी सख्ती पर कायम नजर आ रहा है. राजधानी रांची में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की आशंका को देखते हुए रांची नगर निगम रेस नजर आ रहा है. निगम ने राजधानी के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, हाट बाजार, ठेला, खोमचा समेत तमाम जगहों पर व्यवसाय करने वाले दुकानदारों को मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है. साथ ही निगम की ओर से जारी गाइडलाइंस के उल्लंघन पर 5 से 25 हजार रुपये के आर्थिक दंड का प्रावधान किया है. निगम के इस आदेश का झारखंड चेंबर खुलकर विरोध कर रहा है.

झारखंड चेंबर के अध्यक्ष कुणाल आजमानी ने निगम पर आरोप लगाते हुए कहा कि व्यवसायियों को सॉफ्ट टारगेट किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि निगम व्यवसायियों को दो नजर से देख रहा है. चेंबर के आरोप को रांची नगर निगम की मेयर आशा लकड़ा ने सिरे से खारिज किया. मेयर आशा लकड़ा ने कहा कि जो व्यवसायी और फुटपाथी दुकानदार एसओपी का पालन कर रहे हैं उन्हें आर्थिक दंड से डरने की जरूरत नहीं.

मेयर ने कहा कि सबसे पहले हमारी जिम्मेदारी कोरोना से लड़ने की है और इसमें सभी के सहयोग की जरूरत है.



दरअसल रांची नगर निगम की ओर से शनिवार को चैंबर से जुड़े व्यवसायी, फुटपाथी दुकानदार, पंडरा बाजार समिति के दुकानदारों की बैठक बुलाई गई थी. इसमें सभी को निगम की ओर से जारी एसओपी की जानकारी दी गई थी. अब इसी दिशा निर्देशों में लिपटे आर्थिक दंड का चैंबर खुलकर विरोध कर रहा हैं. वही निगम ने भी अपना स्पष्ट रुख जाहिर कर दिया है. देखना यह है कि नियमों के उल्लंघन पर आर्थिक दंड का पालन कैसे और किस तरह हो पाता है.
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