रांची में लोक अदालत का आयोजन, पहली बार ट्रांसजेंडर ने की मामलों की सुनवाई

ट्रांसजेंडर अमृता अल्पेश सोनी ने कहा कि इस तरह के सम्मान से वो गौरवान्वित महसूस कर रही हैं.

ट्रांसजेंडर अमृता अल्पेश सोनी ने कहा कि इस तरह के सम्मान से वो गौरवान्वित महसूस कर रही हैं.

Ranchi News: लोक अदालत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब एक ट्रांसजेंडर को मामलों की सुनवाई के लिए शामिल किया गया.

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रांची. राजधानी रांची में आज डालसा की ओर से राष्ट्रीय लोक अदालत (National public court) का आयोजन किया जा रहा है. इसके माध्यम से जहां ज्यादा से ज्यादा मामलों की सुनवाई कर निपटारे का प्रयास किया जा रहा है. वहीं लोक अदालत के इतिहास में पहली बार एक ट्रांसजेंडर को मामलों की सुनवाई के लिए शामिल किया जा रहा है. वर्चुअल माध्यम से हो रही इस सुनवाई में ज्यादा से ज्यादा मामलों के निपटारे का प्रयास किया जा रहा है.

जिला विधिक सेवा प्राधिकार यानि डालसा की ओर से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन कर आज मामलों को सुनवाई की जा रही है. दरअसल आज की लोक अदालत एक ऐतिहासिक मानदंड को स्थापित करने की कोशिश भी है. लोक अदालत के आयोजन भी पहली बार किसी ट्रांसजेंडर को लोग मामले की सुनवाई करते हुए निपटाते हुए देख रहे हैं.

सुनवाई के लिए कुल 47 बेंचों का गठन किया गया है. जिसमें 19 नबंर की बेंच के माध्यम से ट्रांसजेंडर अमृता अल्पेश सोनी प्री लिटिगेशन जैसे मामलों की सुनवाई कर रही हैं. इसमें क्रिमिनल मामले जिसमें घरेलू हिंसा और अत्याचार जैसे मामलों की सुनवाई कर उसे सुलझाएंगी. इसके अलावा वे वैवाहिक और बैंकिंग मामलों की भी एक्सपर्ट हैं. लिहाजा इनसे जुडे़ मामलों की भी वे गंभीरता से सुन रही हैं.

ट्रांसजेंडर अमृता अल्पेश सोनी से बताया कि इस तरह के सम्मान से वे गौरवान्वित महसूस कर रही हैं. साथ ही वे पूरी कोशिश करेंगी कि ज्यादा से ज्यादा मामलों निपटारा अच्छे तरीके से हो सके.
वहीं डालसा सचिव अभिषेक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि एक दिवसीय राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 5 हजार मामले चिह्नित किये गये हैं. जिसमें वर्चुअल माध्यम से ज्यादा से ज्यादा मामलों को निपटाने का लक्ष्य रखा गया है.

सुबह 7 बजे से शुरू हुए इस लोक अदालत की सुनवाई देर शाम तक चलेगी. इसमें क्रमिनल, बैंकिंग, पारिवारिक और वैवाहिक समेत तमाम तरह के मामलों की सुनवाई की जा रही है. आज सुबह बतौर मुख्य अतिथि ट्रांसजेंडर अमृता अल्पेश सोनी ने दीप प्रजवलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया. इस मौके पर CJM फहीम किरमानी, जुडिसयल मजिस्टेड मनीष कुमार भी मौजूद रहे.

दरअसल डालसा की ओर से आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में केसों की सुनवाई की वजह से सामान्य अदालतों पर बोझ और दबाव कम होता है. साथ ही कई जटिल मामलों की समस्या का समाधान भी आपसी सहमति से निकल आता है. लेकिन जिस तरीके से एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहीं ट्रांसजेंडर अमृता को मामलों की सुनवाई के लिए शामिल किया गया. इससे निश्चित ही मामलों के निपटारे में मदद मिलेगी.
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