मोमेन्टम झारखंड में खर्च और निवेश पर श्वेत पत्र जारी करे सरकार- बाबूलाल मरांडी

जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी (फाइल फोटो)
जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी (फाइल फोटो)

जेवीएम सुप्रीमो ने कहा कि टाटा, आदित्यपुर, गिरिडीह और रामगढ़ में कई औद्योगिक इकाइयां बंद हो गई हैं. उद्योगपतियों की पूंजी खत्म हो गई है. इससे हजारों लोग बेरोजगार हो गये हैं. लोग खुदकुशी करने के लिए बाध्य हो रहे हैं. सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए

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झारखंड विकास मोर्चा (जेवीएम) सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी (babulal marandi) ने राज्य सरकार से मोमेन्टम झारखंड (Momentum Jharkhand) के तहत खर्च हुए पैसे और राज्य में आए निवेश के संबंध में श्वेत पत्र जारी करने की मांग की. मरांडी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि मोमेन्टम झारखंड को लेकर मुख्यमंत्री रघुवर दास (Raghuvar Das) ने देश-विदेश का दौरा किया. रोड शो भी किया. दो साल पहले यहां निवेशकों की समिट भी बुलाई. इन पर करीब 900 करोड़ रुपये खर्च हुए. यह राज्य की जनता की गाढ़ी कमाई थी, जिसे पानी की तरह बर्बाद कर दिया गया.

'राज्य में बंद हो रहीं औद्योगिक इकाइयां'

जेवीएम सुप्रीमो ने कहा कि जब राज्य में निवेश नहीं हुआ, तो ये पैसे बर्बाद हो गये. सरकार को इस पर सफाई देनी चाहिए. राज्य में औद्योगिक इकाइयां बंद हो रही हैं. टाटा, आदित्यपुर, गिरिडीह और रामगढ़ में कई औद्योगिक इकाइयां बंद हो गई हैं. उद्योगपति की पूंजी खत्म हो गई है. इससे हजारों लोग बेरोजगार हो गये हैं. लोग खुदकुशी करने के लिए बाध्य हो रहे हैं. इसलिए सरकार को इस संबंध में पूरी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.



'पूर्व सीएम के आरोप गलत'
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण प्रभाकर ने पटलवार करते हुए कहा है कि पूर्व सीएम के आरोप गलत हैं. देश ही नहीं दुनिया में मंदी की स्थिति है. भारत का निर्यात घट गया है.

बीजेपी नेता ने ये दावा किया कि राज्य में टेक्सटाइल्स और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में काफी निवेश हुए हैं. युवाओं को रोजगार भी मिले हैं. इसलिए बाबूलाल मरांडी के आरोप गलत हैं.

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