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झारखंड चुनाव 2019: पूर्व CM मधु कोड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, नहीं लड़ पाएंगे चुनाव

News18 Jharkhand
Updated: November 15, 2019, 12:41 PM IST
झारखंड चुनाव 2019: पूर्व CM मधु कोड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को कोर्ट से विधानसभा चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं मिली

शुक्रवार को अदालत ने कहा कि मधु कोड़ा की अयोग्यता का एक साल और बचा हुआ है, ऐसे में वो चुनाव नहीं लड़ सकते हैं. हालांकि कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने कहा कि मधु कोड़ा की याचिका के मेरिट पर सुनवाई होगी.

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रांची. पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा (Madhu Koda) झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 (Jharkhand Assembly Election 2019) नहीं लड़ पाएंगे. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने उन्हें इसकी इजाजत देने से इनकार कर दिया है. शुक्रवार को अदालत ने कहा कि उनकी (मधु कोड़ा) अयोग्यता का एक साल और बचा हुआ है, ऐसे में वो चुनाव नहीं लड़ सकते हैं. हालांकि कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने कहा कि मधु कोड़ा की याचिका के मेरिट पर सुनवाई होगी.

बता दें कि चुनाव आयोग (Election Commission) के आदेश के खिलाफ मधु कोड़ा ने सप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर विधानसभा चुनाव लड़ने की इजाजत मांगी थी. मधु कोड़ा को वर्ष 2017 में चुनावी खर्चों का खुलासा नहीं करने पर चुनाव आयोग की ओर से अयोग्य ठहराया गया था.

पूर्व सीएम मधु कोड़ा अपनी पारंपरिक सीट जगन्नाथपुर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में थे. जगन्नाथपुर सीट से मधु कोड़ा दो बार विधायक रह चुके हैं. जगन्नाथपुर से ही निर्दलीय जीतकर वो वर्ष 2006 में झारखंड के मुख्यमंत्री बने थे. उनके बाद उनकी पत्नी गीता कोड़ा यहां से दो बार निर्दलीय विधायक रहीं. अब गीता कोड़ा लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बन गई हैं. ऐसे में मधु कोड़ा एक बार फिर जगन्नाथपुर से विधानसभा चुनाव लड़ने का मन बनाया था.

UPA गठबंधन के दौरान 2006 में झारखंड के मुख्यमंत्री बने

बता दें कि मधु कोड़ा यूपीए गठबंधन के दौरान 2006 से 2008 के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री रहे थे. बाद में उनका नाम कोयला घोटाले से जुड़ा. जिसमें वर्ष 2017 में एक अदालत ने उन्हें तीन साल जेल और 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी. मधु कोड़ा के राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र राजनीति से हुई थी. वो ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन में सक्रिय रहे थे. इसके बाद कोड़ा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े. इससे पहले उन्होंने बतौर ठेका मजदूर भी काम किया. इस दौरान वो मजदूर यूनियन के नेता भी बने.

इसी बीच कोड़ा झारखंड के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के संपर्क में आए और वर्ष 2000 में पहली बार बीजेपी के टिकट पर जगन्नाथपुर से चुनाव लड़कर विधायक बने. झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद वो बीजेपी की अगुवाई वाली बाबूलाल मरांडी की सरकार में स्वतंत्र प्रभार के मंत्री भी रहे. आगे चलकर वो 2006 में बतौर निर्दलीय विधायक मुख्यमंत्री भी बने.

(इनपुट- सुशील पांडेय)
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First published: November 15, 2019, 11:46 AM IST
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