झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती पंचतत्व में विलीन, CM हेमंत ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवती का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया
पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवती का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने सजल चक्रवर्ती (Sajal Chakraborty) को याद करते हुए कहा कि वे एक कुशल प्रशासक और बेहद ही सरल स्वभाव के सामाजिक दायित्वों को निभाने वाले इंसान थे. पशु-पंक्षियों से भी उनका गहरा लगाव था.

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रांची. झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती (Sajal Chakraborty) का शुक्रवार शाम रांची के घाघरा घाट पर अंतिम संस्कार (Funeral) कर दिया गया. इससे पहले शाम 4 बजे उनका पार्थिव शरीर बेंगलुरु से रांची लाया गया. जिसके बाद रांची एयरपोर्ट के ओल्ड बिल्डिंग में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनको श्रद्धांजलि दी गई. सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) के अलावा सांसद संजय सेठ, मुख्य सचिव, डीजीपी समेत कई आला अधिकारियों ने सजल दा को श्रद्धांजलि दी.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सजल चक्रवर्ती को याद करते हुए कहा कि वे एक कुशल प्रशासक और बेहद ही सरल स्वभाव के सामाजिक दायित्वों को निभाने वाले इंसान थे. साथ ही पशु-पंक्षियों से काफी प्रेम करते था.

रांची सांसद संजय सेठ ने भी सजल दा के निधन को अपनी व्यक्तिगत क्षति बताया. उन्होंने कहा कि सजल चक्रवर्ती के साथ उनका दोस्ताना संबंध था और आज वह खुद को काफी अकेला महसूस कर रहे हैं.



इन सबके बीच जेएमएम महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य काफी भावुक दिखे. वह काफी देर तक सजल चक्रवर्ती के ताबूत को पकड़े शून्य में देखते रहे. मीडिया ने जब सजल चक्रवर्ती से उनके संबंधों के बारे में पूछा तो जेएमएम नेता कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं दिखे. और उनकी आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे. उन्होंने कहा कि सजल दा से उनका पारिवारिक संबंध था. और दोनों की दोस्ती की कई यादें एक दूसरे के साथ जुड़ी हुई थी.
दरअसल बांग्ला समाज से जुड़े होने के कारण सजल चक्रवर्ती और सुप्रियो भट्टाचार्य के बीच काफी गहरे रिश्ते थे. जिसे याद कर सुप्रियो भट्टाचार्य लगातार भावुक हुए जा रहे थे. सुप्रियो भट्टाचार्य ने बहते आंसुओं के साथ सजल दा को याद किया. उन्होंने कहा कि सजल दा का जाना उनका व्यक्तिगत नुकसान है.
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