2009 मुठभेड़ मामला: कुख्यात पूर्व नक्सली कुंदन पाहन साक्ष्य के अभाव में कोर्ट से बरी

साल 2009 में नामकुम थाना क्षेत्र के लाली गांव में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. मुठभेड़ को लेकर पुलिस ने केस दर्ज कर कुंदन पाहन समेत सात लोगों को आरोपी बनाया था.

News18 Jharkhand
Updated: May 4, 2019, 1:53 PM IST
2009 मुठभेड़ मामला: कुख्यात पूर्व नक्सली कुंदन पाहन साक्ष्य के अभाव में कोर्ट से बरी
पूर्व नक्सली कुंदन पाहन (फाइल फोटो)
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Updated: May 4, 2019, 1:53 PM IST
कुख्यात पूर्व नक्सली कुंदन पाहन को रांची कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. साल 2009 की एक मुठभेड़ के मामले में कोर्ट ने उसे साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. पूरा मामला राजधानी के नामकुम थानाक्षेत्र से जुड़ा हुआ था. जज सुनील कुमार सिंह की अदालत ने ये फैसला सुनाया.

दरअसल साल 2009 में नामकुम थाना क्षेत्र के लाली गांव में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इसमें कई पुलिसकर्मी और नक्सली घायल हुए थे. मुठभेड़ को लेकर पुलिस ने केस दर्ज कर कुंदन पाहन समेत सात लोगों को आरोपी बनाया था. उनमें से कुंदन पाहन को छोड़ सभी अभियुक्त साक्ष्य के अभाव में पहले ही बरी हो गये. अब कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में कुंदन पाहन को बरी कर दिया है.



इस मामले में कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से 9 गवाहों की गवाही दर्ज कराई गई, वहीं बचाव पक्ष की ओर से 4 गवाहों की गवाही हुई. 2 मई को दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. गवाही के दौरान कुंदन पाहन ने कोर्ट को बताया था कि वह इस मुठभेड़ में शामिल नहीं था.

पुलिस के लिए सिरदर्द बने नक्सली कमांडर कुंदन पाहन ने मई 2017 में पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था. वह डीएसपी, इंस्पेक्टर की हत्या समेत 128 आपराधिक मामलों में वांछित था.

इनपुट- नीरज नयन चौधरी

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