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महिला डॉक्टर के घर संदेहास्पद स्थिति में जली बच्ची, इलाज के दौरान मौत

News18 Jharkhand
Updated: November 21, 2019, 4:18 PM IST
महिला डॉक्टर के घर संदेहास्पद स्थिति में जली बच्ची, इलाज के दौरान मौत
बच्ची के परिवारवाले भी घटना को लेकर गोलमोल जवाब दे रहे हैं.

डॉक्टर सोमापिका दास के मुताबिक वह हॉस्पिटल गई थी. इसी दौरान घर में बच्ची के साथ यह हादसा (Accident) हुआ है. उस समय घर में कोई मौजूद नहीं था.

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रांची. बाल मजदूरी अभिशाप है. इसकी बानगी रांची में देखने को मिली. राजधानी के गांधीनगर कॉलोनी में सीसीएल अस्पताल की डाइटीशियन सोमापिका दास के घर 15 वर्षीय बच्ची (Minor Girl) की आग में झुलसने से मौत (Died) हो गई. बंगाल के पुरुलिया की मौसमी बावरी डॉक्टर सोमापिका दास के यहां पिछले दो सालों से घरेलू कामकाज करती थी. जानकारी के अनुसार मौसमी माचिस से खेल रही थी, इसी दौरान आग (Fire) लग गई और वह बुरी तरह से झुलस गई. आनन-फानन में उसे पहले सीसीएल अस्पताल फिर देवकमल अस्पताल ले जाया गया. लेकिन इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गई. मामले की जानकारी मिलते ही गोंदा पुलिस मौके पर पहुंच मामले की तफ्तीश में जुट गई है.

पुलिस के अनुसार बच्ची का पोस्टमार्टम रिम्स अस्पताल में करवाया गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में कुछ और तथ्य सामने आ सकते हैं. वहीं डॉक्टर के परिवार ने इस घटना को हादसा बताया है. डॉक्टर सोमापिका दास के मुताबिक वह हॉस्पिटल गई थी. इसी दौरान घर में बच्ची के साथ यह हादसा हुआ है. उस समय घर में कोई मौजूद नहीं था.

बच्ची के परिजनों का कहना है कि जब उन्हें बच्ची के जलने की सूचना मिली तो वे रांची आए. लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो गयी थी. उन्होंने बताया कि बच्ची को हजार रुपये महीना मजदूरी मिलती थी. बच्ची पढ़ाई-लिखाई और सिलाई का भी काम सीखती थी.

(रिपोर्ट- ओमप्रकाश)

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First published: November 21, 2019, 4:17 PM IST
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