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अच्छी पहल : झारखंड का एक ऐसा स्कूल जो कोरोना संक्रमण काल में भी नहीं हुआ बंद

रांची जिले का आदर्श ग्राम आरा केरम ने यह कमाल कर दिखाया है.

रांची जिले का आदर्श ग्राम आरा केरम ने यह कमाल कर दिखाया है.

जब कोरोना संक्रमण काल में सरकारी और निजी स्कूलों पर ताले लग गए, तब रांची जिले की आरा केरम गांव की ग्राम सभा और महिला समिति ने अनूठी पहल की. आज इस गांव में करीब दो सौ बच्चे रोजाना दो पालियों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं.

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रांची. कोरोना संक्रमण की वजह से जब तमाम स्कूलों पर ताले लटके हैं, तब रांची जिले का एक गांव ऐसा भी है जहां ग्राम सभा के आदेश पर पठन-पाठन का काम चल रहा है. गांव के सरकारी स्कूल में बच्चे रोजाना शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए दो पालियों में शिक्षा का कार्य बगैर रुके आगे बढ़ रहा है.

स्कूल आकर खुश हैं बच्चे

आदर्श बोलने मात्र से कोई आदर्श नहीं बन जाता, बल्कि आदर्श बनने के लिए कुछ अलग करना पड़ता है. रांची जिले का आदर्श ग्राम आरा केरम ने फिर एक बार कुछ अलग करते हुए सबको चौंका दिया है. इस बार आरा केरम की चर्चा बच्चों के ट्यूशन क्लास को लेकर हो रही है. जब कोरोना संक्रमण काल में सरकारी और निजी स्कूलों पर ताले लग गए, तब आरा केरम गांव की ग्राम सभा और महिला समिति ने अनूठी पहल की. आज इस गांव में करीब दो सौ बच्चे रोजाना दो पालियों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. स्कूल आने वाले रोशन की बात करें या समीक्षा की, सब के सब बहुत खुश हैं. इन दो साल में इन बच्चों ने काफी कुछ सीख लिया है.

भटकते बच्चों को देखकर बुलाई गई ग्राम सभा की बैठक

कोरोना संक्रमण काल में जब गांव के बच्चों का अधिक समय खेलने-कूदने में बीतने लगा, जब गांव-घर के बच्चे अपना सबक भूलने लगे. तब गांव के लोगों की चिंता बढ़ गई. गांव के बच्चे फिर से कैसे शिक्षा से जुड़ सकें - इसको लेकर ग्राम सभा बुलाई गई. गांव की महिला समिति ने भी अपना सुझाव दिया. और फिर यह तय हुआ की गांव के बच्चे रोजाना 6 घंटे के बजाय 2 घंटे ही सही, पर शिक्षा ग्रहण करेंगे. इसके लिए गांव के उत्क्रमित मध्य विद्यालय का सहारा लिया गया. आज यहां 11 शिक्षक दो पालियों में बच्चों को रोजाना पढ़ा रहे हैं. ग्राम सभा के रमेश बेदिया और महिला समिति की रीना देवी का कहना है कि उन्होंने बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी क्योंकि ये उनके और उनके गांव के बच्चों के भविष्य का सवाल था.

ग्राम सभा दे रही शिक्षकों को वेतन

आपको जान कर हैरानी होगी कि ग्राम सभा के द्वारा ही शिक्षकों को फिलहाल वेतन दिया जा रहा है. गांव के शिक्षकों को 2 हजार और दूसरे गांव से स्मार्ट क्लास के लिए बुलाए जाने वाले दो शिक्षकों को 16500 रुपये वेतन दिए जा रहे हैं. बच्चों को पढ़ाने के लिए विषयवार शिक्षक नियुक्त किए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को कोई परेशानी न हो. रूबी कुमारी रोजाना अपनी छोटी बच्ची को गोद में लिए स्कूल पहुंचती हैं. उन्हें बच्चों को पढ़ाना अच्छा लगता है, खास इस कोरोना संक्रमण काल में जब सरकार ने स्कूल बंद रखने का आदेश दे रखा है.

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