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नक्सली हिंसा में मारे गये 64 लोगों के परिजनों को दी गई सरकारी नौकरी

News18 Jharkhand
Updated: October 18, 2019, 3:45 PM IST
नक्सली हिंसा में मारे गये 64 लोगों के परिजनों को दी गई सरकारी नौकरी
सीएम ने कहा कि आश्रितों को नौकरी मिलने में कितनी परेशानी होती है, हमें इसका एहसास है. इसलिए हमारी सरकार ने इन्हें चिन्हित कर नियुक्ति पत्र सौंपा है.

सीएम रघुवर दास (CM Raghuvar Das) ने कहा कि नक्सलवाद (Naxal) को जड़ से खत्म करके ही दम लिया जाएगा. भटके हुए लोग मुख्यधारा में आना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है. सरकार उन्हें सामान्य जीवन जीने में हर संभव मदद करेगी.

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रांची. सूबे में नक्सली हिंसा (Naxal Violence) में मारे गये लोगों के आश्रितों को सरकारी नौकरी (Govt Job) दी गई. मुख्यमंत्री रघुवर दास (CM Raghuvar Das) ने प्रोजेक्ट भवन में आयोजित कार्यक्रम में ऐसे 64 आश्रितों को नियुक्ति पत्र सौंपा. इनके अलावा विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत 85 पारा चिकित्सकों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एक बार फिर राज्य से उग्रवाद को जड़ से खत्म करने का ऐलान किया.

सीएम ने कहा कि नक्सलवाद को जड़ से खत्म करके ही दम लिया जाएगा. भटके हुए लोग मुख्यधारा में आना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है. सरकार उन्हें सामान्य जीवन जीने में हर संभव मदद करेगी. सीएम ने कहा कि आश्रितों को नौकरी मिलने में कितनी परेशानी होती है, हमें इसका एहसास है. इसलिए हमारी सरकार ने इन्हें चिन्हित कर नियुक्ति पत्र सौंपा है. बतौर सीएम पहले नियुक्तियों के नाम पर घोटाले और मनमानी से झारखण्ड की जनता त्रस्त थी. लेकिन वर्तमान सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित की है.

संविधान की रक्षा में दी जान 

डीजीपी कमल नयन चौबे ने कहा कि आज जिनके परिजनों को नौकरी मिली, वे पुलिस के लोग नहीं थे. लेकिन नक्सलियों ने पुलिस का सहयोगी बताकर उनकी हत्या कर दी. वास्तव में ऐसे लोग देश की संविधान के रक्षक होते थे. बिना वर्दी और बंदूक के ये संविधान की रक्षा करते थे. ऐसे लोगों को सरकार की तरफ से श्रद्धाजंलि दी गई.

नियुक्ति पाने वाले आश्रितों ने कहा कि नौकरी मिलने से उनके घर की आर्थिक परेशानी दूर होगी. आत्मसम्मान भी लौटेगा.

इनपुट- नौशाद आलम

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First published: October 18, 2019, 3:44 PM IST
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