झारखंड में उद्योग लगाने पर होगी रियायतों की बारिश, पांच फीसदी अनुदान बढ़ा

झारखंड में उद्योग लगाने पर होगी रियायतों की बारिश, पांच फीसदी अनुदान बढ़ा.

झारखंड में उद्योग लगाने पर होगी रियायतों की बारिश, पांच फीसदी अनुदान बढ़ा.

सोरोन सरकार ने प्रदेश में औद्योगिक निवेश जल्द आकर्षित करने के लिए भी रियायतों की बारिश की है.  प्रदेश के किसी भी जिले में पहली दो आधार इकाई लगाने पर राज्य सरकार अतिरिक्त पांच फीसदी पूंजीगत अनुदान देगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2021, 8:29 PM IST
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रांची. झारखंड सरकार (Jharkhand Government) राज्य में औद्योगिक विकास के जरिए आर्थिक समृद्धि का सपना देख रही है. इसे साकार करने को लेकर सोरोन सरकार ने प्रदेश में औद्योगिक निवेश जल्द आकर्षित करने के लिए भी रियायतों की बारिश की है.  प्रदेश के किसी भी जिले में पहली दो आधार इकाई लगाने पर राज्य सरकार अतिरिक्त पांच फीसदी पूंजीगत अनुदान देगी. यानी वहां प्लांट और मशीनरी पर होने वाले निवेश की 30 फीसदी राशि राज्य सरकार भुगतान करेगी. इसके अलावा नई उद्योग नीति (new industry policy) के लागू होने के दो साल के भीतर उद्योग लगाने वालों को 10 फीसदी अतिरिक्त अनुदान यानी कुल 35 फीसदी तक अनुदान हासिल होगा. नई उद्योग नीति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है जिसे मंत्रिपरिषद की मुहर के बाद लागू कर दिया जाएगा.

झारखंड में नया उद्योग लगाने पर राज्य सरकार प्लांट या मशीनरी में हुए खर्च का 25 फीसदी अपने खजाने से भुगतान करेगी. प्रदेश की नई उद्योग एवं निवेश संवर्धन नीति के तहत इसका प्रावधान किया गया है. यह 2016 की उद्योग नीति से पांच फीसदी अधिक है. पिछली उद्योग नीति में पूंजीगत अनुदान  केवल 20 फीसदी देने का प्रावधान था.

झारखंड सरकार ने जो नई नीति तैयार की है उसमें  लघु उद्योग, बड़े उद्योग और मेगा प्रोजेक्ट सभी के लिए राज्य सरकार के खजाने से  25 फीसदी पूंजीगत अनुदान का भुगतान किया जाएगा. इसके भुगतान की उच्च सीमा तीनों तरह के उद्योगों के लिए अलग-अलग रखीं गईं हैं. तीनों श्रेणी के उद्योगों में महिला, दलित और आदिवासी उद्योगपतियों को अतिरिक्त पांच फीसदी अनुदान की राशि का भुगतान राज्य सरकार के खाते से होगा. इन श्रेणी के उद्योगपतियों को कुल 30 फीसदी पूंजीगत अनुदान मिलेगा. इसके साथ ही लघु उद्योगों में स्टेट जीएसटी पर होने वाले भुगतान की 100 फीसदी राशि प्रोत्साहन के तौर पर राज्य सरकार की ओर से पांच साल तक दी जाएगी.  झारखंड उद्योग एवं निवेश संवर्द्धन नीति-2021 के कंपनियों को औद्योगिक उत्पादों के लिए पेटेंट पाने की पूरी राशि का भुगतान राज्य सरकार के खजाने से होगा.

इन क्षेत्रों पर सरकार का फोकस
इलेक्ट्रोनिक उपकरण, स्टार्ट-अप, पेय पदार्थ, लॉजिस्टिक्स, शिक्षा, पर्यटन,टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, खाद्य-प्रसंस्करण, आईटी, नवीकरणीय ऊर्जा, सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, इंजीनियरिंग उद्योग.
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