23 साल पुराने मामले में गोविंदा और शिल्पा शेट्टी को बड़ी राहत, झारखंड HC ने खारिज की याचिका

हाईकोर्ट ने यह माना कि फिल्म 'छोटे सरकार' में जो गाना गाया, वह फिल्म सेंसर बोर्ड के नियम के अनुरूप था. इसलिए इसको लेकर कोई मामला नहीं बनता. जिसके बाद गोविंदा व शिल्पा के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया.

News18 Jharkhand
Updated: August 8, 2019, 7:05 PM IST
23 साल पुराने मामले में गोविंदा और शिल्पा शेट्टी को बड़ी राहत, झारखंड HC ने खारिज की याचिका
फिल्म छोटे सरकार के गाने को लेकर गोविंदा- शिल्पा के खिलाफ दायर याचिका खारिज (फाइल फोटो)
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Updated: August 8, 2019, 7:05 PM IST
फिल्म अभिनेता गोविंदा और अभिनेत्री शिल्पा सेट्टी को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने पाकुड़ कोर्ट में उनके खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया. हाईकोर्ट ने यह माना कि फिल्म 'छोटे सरकार' में जो गाना गाया, वह फिल्म सेंसर बोर्ड के नियम के अनुरूप था. इसलिए इसको लेकर कोई मामला नहीं बनता.

गुरुवार को सुनवाई के दौरान गोविंदा और शिल्पा के अधिवक्ता अभय मिश्रा ने अपना पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि फिल्म में अभिनेता- अभिनेत्री ने गाना नहीं गाया, बल्कि उन्होंने गाने पर सिर्फ एक्टिंग की. गाना किसी और ने गाया, किसी और ने लिखा.

गोविंदा- शिल्पा के खिलाफ दर्ज याचिका खारिज

अधिवक्ता ने बताया कि फिल्म के प्रदर्शन से पूर्व फिल्म सेंसर बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया गया था. इसलिए गाने को लेकर कोई मामला नहीं बनता है. उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि चूंकि ये मामला काफी पुराना हो चुका है. इसलिए इसे खारिज किया जाए. जिसके बाद हाईकोर्ट ने पलामू कोर्ट में दर्ज शिकायतवाद याचिका को खारिज कर दिया. हाइकोर्ट के इस आदेश से गोविंदा और शिल्पा शेट्टी के अलावा फिल्म के गीतकार, गायक और अन्य को भी बड़ी राहत मिली है.

फिल्म 'छोटे सरकार' के गाने पर थी आपत्ति

बता दें कि वर्ष 1996 में फिल्म 'छोटे सरकार' के गाने, एक चुम्मा तु मुझको उधार दे दे, बदले में यूपी- बिहार ले ले, से आहत होकर अधिवक्ता बालमुंकुद तिवारी ने पाकुड़ कोर्ट में गोविंद और शिल्पा शेट्टी समेत अन्य के खिलाफ याचिका दायर की थी. याचिका में ये कहा गया था कि इस गाने के कारण बिहार की छवि धुमिल हुई है. पाकुड़ कोर्ट में इसको लेकर सुनवाई शुरू हुई. गोविंदा और शिल्पा के अलावा गीतकार और संगीतकार पर संज्ञान लिया गया.

2001 में यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा. तब से लेकर अब तक हाईकोर्ट में इस पर सुनवाई जारी रही. इस बीच हाईकोर्ट ने पाकुड़ कोर्ट में इस मामले की सुनवाई पर रोक लगा दी थी. हाईकोर्ट ने आज याचिका को ही खारिज कर दिया.
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रिपोर्ट- नीरज नयन चौधरी

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First published: August 8, 2019, 7:04 PM IST
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