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सरकारी योजनाओं का प्रयोगशाला बना नगड़ी विकास से कोसों दूर

Amit Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: October 15, 2017, 4:52 PM IST
सरकारी योजनाओं का प्रयोगशाला बना नगड़ी विकास से कोसों दूर
मनोज कुमार उपायुक्त, रांची

रांची का नगड़ी प्रखंड केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का प्रयोगशाला बना हुआ है. सरकार अपने हर महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत नगड़ी से ही कर रही है.

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रांची का नगड़ी प्रखंड केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का प्रयोगशाला बना हुआ है. सरकार अपने हर महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत नगड़ी से ही कर रही है. हाल ही में पायल प्रोजेक्ट तहत यहां डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांजेक्शन (डीबीटी) योजना की शुरुआत की गई है. पर क्या वाकई नगड़ी विकास की दौड़ में सबसे आगे है.

कैशलेस से लेकर पीडीएस सिस्टम में डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांजेक्शन का प्रयोग नगड़ी प्रखंड में किया जा रहा है. नगड़ी प्रखंड को आधिकारिक रूप से ओडीएफ भी घोषित कर दिया गया है. पर बता दें कि न नगड़ी पूर्णरूप से कैशलेस हुआ है और न ही ओडीएफ. यहां डीबीटी का भी जोरदार विरोध किया जा रहा है.

बता दें कि इसी महीने एक सप्ताह के अंदर पीडीएस के कार्यक्रम में सीएम ने नगड़ी प्रखंड में डीबीटी की शुरुआत की तो केंद्रीय राज्य मंत्री ने इसे ओडीएफ घोषित कर दिया. पर जब न्यूज18 / ईटीवी ने यहां के दुकानदारों से कैशलेस पर बात की तो जवाब था कि यहां पेटीएम मशीन का लोग नाम भी नहीं जानते हैं.

जिले के उपायुक्त मनोज कुमार की मानें तो सर्वे के आधार पर शौचालयों का निर्माण कराया गया. साथ ही कैशलेस की भी पूरी व्यवस्था की गई. उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक होने की जरूरत है. मालूम हो कि राजधानी के सबसे नजदीक स्थित नगड़ी प्रखंड में सरकार का विकास कार्यों पर जोर है. यहां पिछले कुछ वर्षों में दूसरे प्रखंडों की तुलना में काम भी ज्यादा हुआ है. पर, नगड़ी जितनी सुर्खियां बटोरते रहा है उस तुलना में विकास से यह प्रखंड आज भी कोसों दूर है.

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First published: October 15, 2017, 4:52 PM IST
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