पुरुषों में बढ़ रहा है बांझपन का 'खतरा', डॉक्‍टर्स ने दी ये खास सलाह

Infertility problem, Ranchi News- दिल्ली के प्रख्यात पुरुष बांझपन विशेषज्ञ तथा आईएफएस के महासचिव डॉ. पंकज तलवार ने कहा कि जिम में मसल्स बनाने के लिए जो प्रोटीन लेते हैं उसमें भी कुछ दवाएं ऐसी मिली होती है जो पौरुष ताकत को कम करती हैं.

Upendra Kumar | News18 Jharkhand
Updated: August 12, 2019, 9:35 PM IST
पुरुषों में बढ़ रहा है बांझपन का 'खतरा', डॉक्‍टर्स ने दी ये खास सलाह
तनाव और गैजेट का ज्यादा इस्तेमाल आपकी पौरुष क्षमता को कम कर सकता है. (सांकेतिक फोटो)
Upendra Kumar
Upendra Kumar | News18 Jharkhand
Updated: August 12, 2019, 9:35 PM IST
अगर आपका ज्यादा समय मोबाइल और लैपटॉप पर बीतता है या फिर आप तनाव का जीवन जी रहे हैं तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है, क्योंकि यह तनाव और गैजेट का ज्यादा इस्तेमाल आपकी पौरुष क्षमता को कम कर सकता है. रांची में इंडियन फर्टिलिटी सोसायटी के वार्षिक सम्मेलन में भाग लेने आए प्रख्यात चिकित्सक डॉ. पंकज तलवार ने कहा कि आज हर चौथा या पांचवां व्यक्ति किसी न किसी तरह से इंफर्टिलिटी की समस्‍या का शिकार है और उन्हें डॉक्टर की मदद की जरूरत है.

इनफर्टिलिटी के लिए क्या है जिम्मेदार?
डॉ. पंकज तलवार ने बताया कि रहन सहन का तरीका, तनाव, मोबाइल फोन का इस्तेमाल, टेलीफोन टॉवर, लैपटॉप, सिगरेट के साथ-साथ डायबिटीज, हायपरटेंशन के चलते पुरुषों में स्पर्म काउंट कम होता जा रहा है. डॉ पंकज तलवार ने साफ किया कि भले ही पेपर के अंदर पक्का नहीं कहा जाए कि मोबाइल फोन-लैपटॉप के ज्यादा इस्तेमाल से स्पर्म काउंट कम होता है, लेकिन जो इंडिकेशन आ रहे हैं वो चिंता की बात है.

जिम जाने वाले युवा हो जाएं सावधान

दिल्ली के प्रख्यात पुरुष बांझपन विशेषज्ञ तथा आईएफएस के महासचिव डॉ. पंकज तलवार ने कहा कि जिम में मसल्स बनाने के लिए जो प्रोटीन लेते हैं उसमें भी कुछ दवाएं ऐसी मिली होती है जो पौरुष ताकत को कम करती हैं.

दिल्ली के प्रख्यात पुरुष बांझपन विशेषज्ञ तथा आईएफएस के महासचिव डॉ. पंकज तलवार.


उन्‍होंने झारखंड में बांझपन के इलाज की सुविधाओं में कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि अभी तक ज्यादातर काम महिला बांझपन के लिए हुआ है, लेकिन निसंतान के लिए महिला से ज्यादा पुरुष जवाबदेह हैं, लिहाजा जरुरत है कि अब पुरुषों के इलाज की तकनीक को बढ़ाया जाए और प्रचारित किया जाए.
Loading...

बांझपन की समस्या के क्‍या करें?
तनाव को कम करने का साथ साथ एंटी-ऑक्सिडेंट पदार्थों जैसे पत्तेदार, रंग-बिरंगी सब्जियां, आंवला, नींबू, फल का अधिक से अधिक सेवन और इलाज की आधुनिक तकनीकों को अपनाकर पुरुष बांझपन को समाप्त किया जा सकता है.

इंडियन इनफर्टिलिटी सोसायटी की झारखंड चैप्टर द्वारा आयोजित किए गए पहले वार्षिक सेमिनार में राज्य की 100 से ज्यादा प्रख्यात चिकित्सकों ने शिरकत की और बांझपन के कारणों और उसके इलाज की सस्ती तकनीक की जानकारी ली. इंडियन इंफर्टिलिटी सोसायटी की झारखंड सचिव एवं रिम्स की सीनियर डॉ. अर्चना ने कहा कि राज्य में बांझपन की समस्या बढ़ी है, लेकिन उसके इलाज की सुविधा सिर्फ शहरों और निजी अस्पतालों में ही है.

इंडियन इंफर्टिलिटी सोसायटी की झारखंड सचिव एवं रिम्स की सीनियर डॉ. अर्चना.


पुरुषों के बांझपन को दूर करने के लिए बेहद सस्ती तकनीक आईयूआई और आईवीएफ तकनीक से इलाज की सुविधा सरकारी अस्पतालों में होने की जरूरत बताते हुए उन्‍होंने कहा कि सोसायटी राजधानी से बाहर के डॉक्टरों को भी बांझपन के इलाज की तकनीक की जानकारी देगा, ताकि लोगों को बांझपन की समस्या से निदान मिल सके.

ये भरी पढ़ें-झारखंड में दो महिला हॉकी खिलाड़ियों की मौत से मची खलबली, क्‍या है माजरा?

इस फैसले के बाद युवाओं में बढ़ा पीएम मोदी का क्रेज़, टैटू बनवा जताई खुशी
First published: August 12, 2019, 8:42 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...