Home /News /jharkhand /

भ्रष्टाचार और घोटालों का अड्डा बना रांची का नगर निगम

भ्रष्टाचार और घोटालों का अड्डा बना रांची का नगर निगम

सीएजी की रिपोर्ट के बाद रांची नगर निगम के प्रति राजधानीवासियों का नजरिया बदल गया है और अब लोग इसे भ्रष्टाचार और घोटालों का अड्डा मानने लगे हैं। कई लोगों का तो मानना है कि यहां काम नहीं होता और उसका पैसा किसी दूसरे रास्ते से निकाल लिया जाता है। वहीं सीएजी के खुलासों पर स्थानीय लोग ये भी बोल रहे हैं कि नगर निगम ने कभी हमारे यहां से स्कूटर पर कचरा नही उठाया है।

सीएजी की रिपोर्ट के बाद रांची नगर निगम के प्रति राजधानीवासियों का नजरिया बदल गया है और अब लोग इसे भ्रष्टाचार और घोटालों का अड्डा मानने लगे हैं। कई लोगों का तो मानना है कि यहां काम नहीं होता और उसका पैसा किसी दूसरे रास्ते से निकाल लिया जाता है। वहीं सीएजी के खुलासों पर स्थानीय लोग ये भी बोल रहे हैं कि नगर निगम ने कभी हमारे यहां से स्कूटर पर कचरा नही उठाया है।

सीएजी की रिपोर्ट के बाद रांची नगर निगम के प्रति राजधानीवासियों का नजरिया बदल गया है और अब लोग इसे भ्रष्टाचार और घोटालों का अड्डा मानने लगे हैं। कई लोगों का तो मानना है कि यहां काम नहीं होता और उसका पैसा किसी दूसरे रास्ते से निकाल लिया जाता है। वहीं सीएजी के खुलासों पर स्थानीय लोग ये भी बोल रहे हैं कि नगर निगम ने कभी हमारे यहां से स्कूटर पर कचरा नही उठाया है।

अधिक पढ़ें ...
सीएजी की रिपोर्ट के बाद रांची नगर निगम के प्रति राजधानीवासियों का नजरिया बदल गया है और अब लोग इसे भ्रष्टाचार और घोटालों का अड्डा मानने लगे हैं। कई लोगों का तो मानना है कि यहां काम नहीं होता और उसका पैसा किसी दूसरे रास्ते से निकाल लिया जाता है। वहीं सीएजी के खुलासों पर स्थानीय लोग ये भी बोल रहे हैं कि नगर निगम ने कभी हमारे यहां से स्कूटर पर कचरा नही उठाया है।

पशुपालन घोटाला का खुलासा हुआ था तो पहली बार लोगों ने सुना कि स्कूटर पर भूसा और पुआल भी ढोया जा सकता है। अब झारखंड के सीएजी रिपोर्ट में ये भी खुलासा हो गया है कि आपके घरों और नाली से निकलनेवाला कचरा भी स्कूटर से डंपिंग यार्ड तक पहुंचाया जा सकता है। इसे कागजों पर तो दिखाया हीं जा सकता है। नगर निगम ने कचरा उठाने के लिए अप्रैल 2011 से सितंबर 2013 तक केवल स्कूटर पर लगभग पांच करोड़ रुपए खर्च किए। पर जब हमने रांची के लोगों से पूछा की क्या वाकई आपके घरों तक स्कूटर कचरा लेने पहुंचता था तो लोगों ने कहा कि अबतक हम लोगों ने ऐसा नहीं देखा।

वैसे तो इस साल का आगाज हीं रांची नगर निगम में घोटालों के साथ हुआ था। नक्सा को लेकर घोटालों की बात आई जो साबित नहीं हो पाई। बाद में टैक्स कलेक्शन को लेकर घोटाला सामने आया और तीन लोग निलंबित भी हुए। उसके बाद मेयर के पीए पर भी आरोप लगे उसे भी हटाया गया। नगर आयुक्त ने कहा है कि सीएजी की रिपोर्ट आते हीं इसकी जांच शुरू हो जाएगी जिसके लिए विभाग भी काफी गंभीर है। जांच के लिए सचिव ने एक जांच कमिटी बनाने का आश्वासन दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आखिर कबतक विभाग जांच कमिटी बनाता है और जांच रिपोर्ट कब तक आती है।

आप hindi.news18.com की खबरें पढ़ने के लिए हमें फेसबुक और टि्वटर पर फॉलो कर सकते हैं.

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर