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सीएम हेमंत सोरेन से जुड़े खदान लीज मामले में चुनाव आयोग में सुनवाई पूरी, कभी भी आ सकता है फैसला

सीएम हेमंत सोरेन से जुड़े खदान लीज मामले में चुनाव आयोग में सुनवाई पूरी, कभी भी आ सकता है फैसला

सीएम हेमंत सोरेन (फाइल फोटो)

सीएम हेमंत सोरेन (फाइल फोटो)

Hemant Soren News: सीएम हेमंत सोरेन से जुड़े खनन लीज मामले में चुनाव आयोग में सुनवाई पूरी हो चुकी है. गुरुवार को सीएम हेमंत सोरेन और भाजपा की ओर से वकीलों ने दलीलें पेश की. जिसके बाद बहस की कॉपी लिखित रूप से चुनाव आयोग को सौंपी गयी. अब आयोग मामले पर विचार कर किसी भी दिन फैसला सुना सकता है.

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रांची. सीएम हेमंत सोरेन के खनन लीज मामले में चुनाव आयोग में सुनवाई पूरी हो चुकी है. सीएम हेमंत सोरेन और भाजपा की ओर से वकीलों ने दलीलें पेश की. बहस की कॉपी बाकायदा लिखित रूप से चुनाव आयोग को सौंप दिया गया. अब चुनाव आयोग मामले पर विचार कर किसी भी दिन अपने फैसले की घोषणा कर सकता है. यह भी हो सकता है कि फैसले की घोषणा करने से पहले आयोग फैसले की तारीख तय करे.

इससे पहले चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर 12 अगस्त को सुनवाई की थी. निर्वाचन आयोग की तरफ से सीएम हेमंत सोरेन के अधिवक्ता से लिखित सबमिशन मांगा गया था. वरीय अधिवक्ता मिनाक्षी अरोड़ा ने निर्वाचन आयोग के समक्ष दो घंटे तक अपने मुवक्किल सीएम हेमंत सोरेन की तरफ से बहस की थी. उन्होंने कहा था कि हेमंत सोरेन के नाम से रांची के अनगड़ा में आवंटित स्टोन माइंस का मामला लोक प्रतिनिधित्व कानून 1951 के 9 ए के दायरे में नहीं आता है. इस पर शिकायतकर्ता पार्टी भाजपा की तरफ से पुष्ट दलीलें दी गयीं. भाजपा की तरफ से बहस में शामिल हुए अधिवक्ता ने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 9 ए के तहत सीएम हेमंत सोरेन की विधानसभा की सदस्यता रद्द करने का पर्याप्त आधार है. सुनवाई के दौरान यह कहा गया था कि झारखंड के मुख्यमंत्री के नाम से आवंटित खनन पट्‌टे की ही तरह कई अवैध खनन पट्‌टे राज्य में लोगों को दिये गये हैं.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भाई और दुमका से झामुमो विधायक बसंत सोरेन से जुड़ा मामला भी चुनाव आयोग के समक्ष है. हेमंत सोरेन और उनके भाई बसंत सोरेन के नाम पर पत्थर खदान लीज की शिकायत झारखंड बीजेपी नेताओं ने चुनाव आयोग से की थी. झारखंड प्रदेश भाजपा की तरफ से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 9ए के तहत मुख्यमंत्री को विधायकी से अयोग्य ठहराने के लिये राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया था. फिलहाल यह पूरा मामला चुनाव आयोग के समक्ष है.

Tags: CM Hemant Soren, Election commission, Jharkhand news

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