झारखंड : चक्रवाती तूफान YAAS के असर से झारखंड में भारी बारिश, नदियां लबालब, अलर्ट जारी

चक्रवाती तूफान यास की वजह से लगातार हो रही बारिश ने झारखंड की बरसाती नदियों का जलस्तर बढ़ा दिया है.

चक्रवाती तूफान यास की वजह से लगातार हो रही बारिश ने झारखंड की बरसाती नदियों का जलस्तर बढ़ा दिया है.

चक्रवात के मद्देनजर झारखंड में लोगों को अगले चौबीस घंटे घर में ही रहने को कहा गया है और कोल्हान प्रमंडल के पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला, पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो के अलावा खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में निचले क्षेत्रों में रहने वाले 10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है.

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रांची. चक्रवाती तूफान यास के असर की वजह से झारखंड का मौसम बदल गया है. कल से ही झारखंड में झमाझम बारिश हो रही है. इस बारिश की वजह से मौसम का तापमान तो गिरा ही है, झारखंड की नदियां लबालब हो गई हैं. खूंटी जिले के रनिया की कारो नदी में पानी का बहाव तेज है. रांची के हुंडरू, जोन्हा, हिरणी, दशम जैसे जलप्रपात में अचानक से बहुत पानी आ गया है. भारी बारिश के बाद अड़की और गम्हरिया का कनेक्शन टूट गया है. संजय नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण खरसावां-सरायकेला मुख्य मार्ग पर खपरसाई स्थित पुलिया डूब गई है. इस पुलिया से करीब सात फीट ऊपर पानी बह रहा है. इससे खरसावां व कुचाई प्रखंड का जिला मुख्यालय सरायकेला से संपर्क कट गया है.

पाकुड़ के लिए अलर्ट जारी

इस बीच रांची के मौसम विभाग ने कहा है कि 28 से 31 मई तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बारिश होती रहेगी. कुछ हिस्सों में भारी बारिश की भी संभावना जताई जा रही है. मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह करीब 5:30 बजे डीप डिप्रेशन खूंटी सीमा के पास पहुंच गया है. इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है. वहीं इस इलाकों में अति भारी बारिश जारी है. मौसम विभाग ने सुबह 6:30 पाकुड़ के लिए अलर्ट जारी करके कहा कि अगले तीन दिन यहां भारी बारिश हो सकती है. तेज हवा के चलने और वज्रपात की आशंका है.

10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर किया गया शिफ्ट
चक्रवात के मद्देनजर झारखंड में लोगों को अगले चौबीस घंटे घर में ही रहने को कहा गया है और कोल्हान प्रमंडल के पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला, पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो के अलावा खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम लगातार जारी है. अब तक 10 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा दिया गया है.

झारखंड के उत्तरी जिलों मं भारी बारिश का खतरा

मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया की डीप डिप्रेशन से झारखंड के उत्तरी जिलों में भारी बारिश का खतरा अभी बरकरार है. उत्तर पूर्वी जिलों के संथाल परगना के अंतर्गत आने वाले पाकुड़ और आसपास के जिलों में भी आज बारिश की संभावना जताई गई है.

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